बिहार में डेढ़ लाख से अधिक रिक्त पदों पर जल्द भर्ती होगी, जिसकी अधियाचना भेजी जा चुकी है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंदर ने बताया कि सरकार भर्ती के लिए कटिबद्ध है। अप्रैल 2020 से अब तक लगभग 9.84 लाख लोगों को रोजगार मिला है। विभाग को पहली बार ISO प्रमाणीकरण भी मिला है, जो कार्यप्रणाली में पारदर्शिता दर्शाता है। नागरिक सेवाओं और शिकायत निवारण में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
पटना। राज्य में डेढ़ लाख रिक्त पदों पर भर्ती जल्द होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ. बी राजेंदर ने साेमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 1.50 लाख, 561 पदों पर भर्ती के लिए अधियाचना भेजी गई है। अधियाचना भेजने और कर्मचारियों की भर्ती की यह एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अभी भी चल रही है।
डाॅ. राजेंदर ने कहा कि कर्मचारियों की भर्ती के लिए सरकार कटिबद्ध है। तय लक्ष्य के अनुसार अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक नौ लाख 84 हजार 141 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
बिहार में पहली बार किसी विभाग को आईएसओ प्रमाणीकरण
इनमें नियमित कर्मियों की संख्या 7 लाख 95 हजार 832, संविदा नियोजित कर्मचारियों की संख्या 1 लाख 17 हजार 784 है।
वहीं बाह्य स्रोत से नियोजित कर्मियों की संख्या 70 हजार 525 है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सामान्य प्रशासन विभाग ने ISO प्रमाणीकरण का तीन वर्षों के लिए सर्टिफिकेट प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि बिहार में पहली बार किसी विभाग को हासिल हुई है। यह प्रमाण-पत्र विभागीय कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता और मानकीकरण का प्रमाण है।
नागरिक सेवाओं का विस्तार कानून के तहत लोगों को 14 विभागों में 153 तरह की सेवाएं दी जा रही हैं। इनमें जाति, आवासीय, दुर्घटना अनुदान, कन्या उत्थान समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं।
64 प्रकार की सेवाएं दी जा रहीं नागरिकों को
इसके तहत राज्य में 51 करोड़ 13 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया गया है। जुलाई 2025 से पंचायत भवनों में स्थापित लोक सेवा के माध्यम से नागरिकों को 64 से अधिक सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
इससे समस्याओं का पंचायत स्तर पर ही निस्तारण हो रहा है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए राज्य में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 लागू है।
इसके तहत सेवा और योजनाओं में पारदर्शी शिकायत सुनिश्चित किया गया है। अधिनियम के तहत 22 जनवरी 2016 से अभी तक 18 लाख 57 हजार परिवादों का निस्तारण हो चुका है।
मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना में 121 विषय विशेषज्ञों का चयन किया गया और उन्हें विभिन्न कार्यालयों में कार्य करने का अवसर दिया गया है।
एचआरएमएस के अंतर्गत मानव संसाधन प्रशासन का डिजिटलीकरण, सरकार में क, ख एवं ग समूह के तहत सेवा देने वाले अधिकारी, कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति और दायित्वों का विवरण संबंधित वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।
इस मौके पर विशेष सचिव संजय कुमार, संयुक्त सचिव रजनीश कुमार और विशेष कार्य पदाधिकारी अफाक अहमद आदि मौजूद रहे।


