नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राजभवन का नाम लोकभवन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दी है. कहा है कि मोदी सरकार ने सत्ता को शासक बोध से हटाकर लोक सेवा के रूप में स्थापित करने की लगातार पहल की है. चाहे मंत्री,वरीय पदाधिकारियों के गाड़ियों से लाल पीली बत्ती हटाने का निर्णय हो या फिर राज पथ को कर्तव्य पथ बनाना,प्रधानमंत्री आवास को लोक कल्याण मार्ग,केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन,राजभवन को लोक भवन और पीएमओ को सेवा तीर्थ के रूप में नामांकित करना जैसे निर्णय लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेंगे.
प्रधानमंत्री ने खुद को प्रधानमंत्री की जगह प्रधान सेवक कहलाना तय किया है. इतना ही नहीं विकलांग शब्द को हटाकर दिव्यांग कहना यह बताता है कि प्रधानमंत्री जी भारत के एक-एक नागरिक की भावनाओं के कितने करीब हैं. ये शब्दों का परिवर्तन मात्र नहीं बल्कि मोदी सरकार की नीति और नीयत को दर्शाता है.


