Friday, April 24, 2026

नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं होने पर 25 अप्रैल को बीजेपी रांची में आक्रोश मार्च निकालेगी.

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रांची: हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रदेश भाजपा का यह पहला बड़ा आंदोलन होगा. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित न होने के मुद्दे को लेकर भाजपा 25 अप्रैल को रांची में विशाल आक्रोश मार्च निकालने जा रही है.

पार्टी इस मार्च के जरिए दो निशाने साधने की तैयारी कर रही है एक तरफ विपक्षी दलों (खासकर कांग्रेस) को महिला विरोधी बताना, दूसरी तरफ राज्य में महिलाओं और नाबालिग बच्चों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार और सुरक्षा की विफलता पर सत्ताधारी सरकार पर हमला.

विपक्ष को सबक सिखाने का ऐलान

भाजपा के पूर्व प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का रुख जगजाहिर है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों का विरोध किया है.

पार्टी का कहना है कि जनता अब महिला विरोधी ताकतों को सबक सिखाने के लिए तैयार है. इसी क्रम में 25 अप्रैल को हजारों महिलाएं और भाजपा कार्यकर्ता राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे.

राज्यपाल की नाराजगी ने बढ़ाई आग

हाल ही में नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के मामलों पर राज्यपाल की पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी ने भाजपा के आंदोलन को और बल दिया है. पार्टी इसे राज्य सरकार की विफलता के रूप में पेश कर रही है. भाजपा नेता इसे “आग में घी डालने” वाला मुद्दा बता रहे हैं और आंदोलन को भव्य तथा ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं.

मोरहाबादी से मेन रोड तक विशाल मार्च

आक्रोश मार्च सुबह 10 बजे मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर मेन रोड तक निकलेगा. इसमें रांची के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों (रांची महानगर, रांची पूर्वी, रांची पश्चिमी, रामगढ़, खूंटी और लोहरदगा आदि) से हजारों महिलाएं शामिल होंगी. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के सभी बड़े नेता और केंद्रीय नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है. महानगर भाजपा के संयोजन में विशेष टीम बनाकर तैयारियां की जा रही हैं.

व्यापक तैयारियां

  • राजधानी के प्रमुख स्थानों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए जा रहे हैं.
  • बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए ठहरने की व्यवस्था.
  • गर्मी को देखते हुए पानी और अन्य सुविधाओं का इंतजाम.
  • पार्टी युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है ताकि मार्च भव्य और प्रभावशाली बने.

भाजपा का दावा है कि यह मार्च न सिर्फ महिला आरक्षण के समर्थन में होगा, बल्कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भी सत्ताधारी गठबंधन को घेरने का मौका बनेगा.

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