Thursday, March 19, 2026

नक्सलियों ने रेल लाइन को विस्फोट कर पहुंचाया नुकसान, एक रेलकर्मी की मौत, दूसरा गंभीर….

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नक्सलियों ने ओडिशा के रॉक्सी और रेंगड़ा स्टेशन के बीच रेल की पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया. जिसमें एक रेलकर्मी की मौत हो गई.

चाईबासा: नक्सलियों ने 24 घंटे के भारत बंद का आह्वान किया है जो शनिवार से शुरू हो गया है. इसी दौरान शनिवार देर रात नक्सलियों ने ओडिशा के रॉक्सी और रेंगड़ा स्टेशन के बीच रेल की पटरी को विस्फोट से उड़ाने का प्रयास किया. इसमें एक रेल कर्मी की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है. विस्फोट के बाद रेल खंड पर आवागमन बाधित हो गया. इस कार्रवाई से ऐसा प्रतीत होता है कि नक्सलियों का मकसद सरकार और आम जनता के बीच भय और अस्थिरता फैलाना है.

घटना देर रात 12 बजे के बाद हुई है, जब नक्सलियों ने पूर्व नियोजित ढंग से पटरी को विस्फोट से उड़ाने की कोशिश की. विस्फोट की तीव्रता इतनी कम थी कि रेल पटरी को विशेष नुकसान नहीं पहुंचा है. सिर्फ सीमेंट का स्लीपर क्षतिग्रस्त हुआ है. नक्सलियों ने रेल लाइन पर बैनर भी लगाया है. वहीं घटना के तुरंत बाद रेलवे विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया

ओडिशा के राउरकेला में रेल पटरी उड़ाने की सूचना मिली है. झारखंड पुलिस बंद को लेकर हाई अलर्ट पर हैं. झारखंड में हर तरफ नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है: डॉ. माइकल राज, आईजी, अभियान

भाकपा माओवादी संगठन ने झारखंड, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ में 24 घंटे के भारत बंद का आह्वान किया है. जो बीती रात 12 बजे से प्रभावी है. बंद के समर्थन में नक्सलियों ने पर्चे और पोस्टर छोड़े हैं. पोस्टरों में नक्सलियों ने ‘पुलिसिया दमन के खिलाफ जन प्रतिरोध’ की अपील की गई है. इस घटना के बाद झारखंड और ओडिशा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है

नक्सलियों ने भारत बंद का आह्वान किया था. जिसके तहत दो रेलकर्मी एतवा ओराम (58) और बुधराम मुंडा, पटरी पर अपनी सामान्य दिनों की तरह पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा रेल लाइन पर बिछाए गए लैंडमाइंस विस्फोट की चपेट में वे दोनों आ गए. विस्फोट के बाद दोनों घायल रेलकर्मियों को गंभीर अवस्था में ओड़िसा स्थित बंडामुंडा रेलवे अस्पताल लाया गया. यहां डॉक्टरों ने एतवा ओराम को मृत घोषित कर दिया. जबकि बुधराम को बेहतर इलाज के लिए राउरकेला रेफर किया गया है.

रेलकर्मियों के पेट्रोलिंग पर उठे सवाल

नक्सलियों ने रात 12 बजे ही लाल बैनर लगाकर अपनी मौजूदगी साबित कर दी थी. रविवार सुबह उन्होंने विस्फोट कर पटरी उड़ा दी गई. बावजूद इसके आरपीएफ ने ट्रैक की समुचित जांच किए बिना ही कर्मियों को पेट्रोलिंग पर भेज दिया. दक्षिण पूर्व रेलवे में कांग्रेस के मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने इसे गंभीर घटना में बड़ी चूक बताते हुए रेलकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल दक्षिण-पूर्वी रेलवे के निरीक्षक ने खबर की पुष्टि करते हुए, बिमलगढ़ किरीबुरू के सभी मूवमेंट पर तत्काल रोक लगा दी है.

सारंडा के घने जंगलों और नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम, सघन सर्च ऑपरेशन चला रही है. रेल पटरी उड़ाने की कोशिश, यह कोई नई रणनीति नहीं है. पिछले साल में भी नक्सलियों ने कई बार ट्रेनों को रोकने, रेलवे स्टेशन को आग के हवाले करने और इंजीनियरों का अपहरण करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था. यह हमला फिर एक बार दर्शाता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी भी, नक्सली संगठन पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं और वे चुनिंदा अवसरों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना जानते हैं.

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