Saturday, October 24, 2026

धनबाद में DMFT योजनाओं की होगी नियमित जांच, गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही.

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धनबाद, 24 अक्टूबर 2026: जिले में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के तहत संचालित विकास योजनाओं की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी राशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर उप विकास आयुक्त सन्नी राज के नेतृत्व में संबंधित कार्यों की समीक्षा की जा रही है।

प्रशासन की ओर से DMFT-प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) की टीम को विभिन्न क्षेत्रों में भेजकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों की प्रगति, उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है।

सरकारी संस्थानों और विकास कार्यों पर नजर

जिले में चल रहे निगरानी अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत कार्यालयों, जनवितरण प्रणाली की दुकानों, सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं, आधारभूत संरचनाओं, राजस्व कार्यों और आजीविका संबंधी गतिविधियों की भी समीक्षा हो रही है।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और सरकारी संस्थानों में लोगों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध हों।

अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की भी होगी जांच

निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा योजनाओं के रखरखाव और लाभुकों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति भी देखी जा रही है।

जहां कमियां सामने आएंगी, वहां संबंधित विभागों के माध्यम से सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का जोर केवल निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय कमियों को दूर करने और योजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित कराने पर है।

लापरवाही पर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी संस्थान में अधिकारी या कर्मचारी अनुपस्थित पाए जाते हैं अथवा आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की कमी मिलती है, तो संबंधित विभाग के माध्यम से जवाब-तलब किया जाएगा।

इसी तरह निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, संसाधनों के रखरखाव में अनियमितता और निर्धारित मानकों की अनदेखी के मामलों में भी जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

DMFT-PMU की टीम द्वारा तैयार की जाने वाली निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को कमियों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे। योजनाओं की प्रगति और कार्यों की गुणवत्ता की आगे भी समीक्षा की जाएगी, ताकि समस्याओं की पहचान कर समय रहते उनका समाधान किया जा सके।

जिला प्रशासन का कहना है कि DMFT के तहत उपलब्ध राशि और संसाधनों का उपयोग पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने की इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ धरातल पर लोगों तक पहुंचे।

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