Friday, June 19, 2026

धनबाद में खेलो इंडिया योजना के तहत 30 खिलाड़ियों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

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धनबाद: झारखंड में फुटबॉल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने की तैयारी पूरी हो चुकी है. धनबाद के बिरसा मुंडा मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जल्द ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत होने वाली है. यहां खिलाड़ियों को सिर्फ फुटबॉल की ट्रेनिंग ही नहीं मिलेगी बल्कि रहने, पढ़ने, भोजन और आधुनिक सुविधाओं के साथ ऐसा माहौल मिलेगा, जहां वे पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. खास बात यह है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को भी यहां अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा.

football training In Dhanbad

बिरसा मुंडा मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इन दिनों एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है. खेलो इंडिया योजना के तहत जहां अभी 30 बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं अब इसी परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है. वर्तमान में 15 लड़के और 15 लड़कियां नियमित रूप से यहां अभ्यास कर रहे हैं.

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों की देखरेख में आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा खिलाड़ियों के रहने के लिए हॉस्टल, बेड, बाथरूम और अन्य बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह तैयार हैं. केवल मेस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसे जल्द पूरा कर संचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है.

खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण

खेल पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया कि इस सेंटर में 25 लड़के और 25 लड़कियों के रहने की व्यवस्था की गई है. यहां रहने वाले खिलाड़ियों को संतुलित आहार, नियमित फिटनेस प्रशिक्षण, तकनीकी अभ्यास और खेल विज्ञान के आधार पर तैयार किया जाएगा ताकि वे राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सके.

Centre of Excellence with residential facilities

पारदर्शी रहेगी खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया

खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है. सबसे पहले बेसिक फिजिकल टेस्ट लिया जाएगा, इसके बाद फुटबॉल स्किल टेस्ट होगा. फिर राज्य स्तर पर ट्रायल आयोजित किया जाएगा, जिसके आधार पर मेधा सूची तैयार होगी और चयनित खिलाड़ियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जगह मिलेगी. सेंटर में रहने वाले खिलाड़ियों की शिक्षा भी प्रभावित नहीं होगी. अंडर-16 और उससे ऊपर के खिलाड़ियों को यहां आवासीय सुविधा मिलेगी जबकि उनकी पढ़ाई के लिए आसपास के सरकारी स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा यानी खिलाड़ी मैदान में अपने खेल को निखारेंगे और साथ ही अपनी शिक्षा भी जारी रख सकेंगे.

Centre of Excellence with residential facilities

सेंटर में रहने वाले खिलाड़ियों को बेहतर डाइट

विशेषज्ञों का मानना है कि घर पर अभ्यास करने वाले बच्चों की तुलना में सेंटर में रहने वाले खिलाड़ियों को बेहतर डाइट, अनुशासित दिनचर्या, नियमित फिटनेस और अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा और तेजी से विकसित होगी.

फुटवॉल खिलाड़ियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं ये मौका

इस पहल को खिलाड़ी भी अपने भविष्य के लिए बड़ा अवसर मान रहे हैं. फुटबॉल खिलाड़ी आरती बास्की का कहना है कि ग्रामीण इलाकों के कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक तंगी और आवागमन की परेशानी के कारण नियमित अभ्यास नहीं कर पाते. ऐसे बच्चों के लिए यह सेंटर किसी वरदान से कम नहीं होगा, जहां उन्हें मुफ्त आवास, बेहतर प्रशिक्षण और पौष्टिक भोजन की सुविधा मिलेगी.

प्रशिक्षण लेने से बढ़ेगा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास

फुटबॉल खिलाड़ी प्रकाश टुडू का मानना है कि एक ही परिसर में रहकर प्रशिक्षण लेने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा. अनुभवी कोचों की निगरानी, बेहतर अभ्यास सुविधाएं और अनुशासित माहौल उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगा. उनका कहना है कि यह सेंटर झारखंड के फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए एक नया मंच साबित होगा.

अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी निकलने की उम्मीद

झारखंड लंबे समय से फुटबॉल प्रतिभाओं की धरती रही है लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कई खिलाड़ी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाते हैं. बिरसा मुंडा मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शुरू होने जा रहा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इसी कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यहां प्रतिभा को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर पोषण, शिक्षा और आवासीय सुविधाओं का साथ मिलेगा, जिससे आने वाले सालों में धनबाद और झारखंड से राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी निकलने की उम्मीद और मजबूत हो गई है.

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