देवघर: झारखंड सरकार की रोजगार सृजन की पहल को आगे बढ़ाते हुए देवघर जिला प्रशासन ने होमगार्ड बहाली प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जिला प्रशासन का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को बिना किसी बाधा के अवसर मिल सके.
इसी उद्देश्य से देवघर डीसी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई. जिसमें देवघर जिले में होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई. बैठक में भर्ती से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए.
जुलाई माह की 15 तारीख से होमगार्ड में भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी. वहीं, राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल और शांतिपूर्ण समापन के बाद नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जिला प्रशासन का मानना है कि श्रावणी मेला राज्य का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसके कारण प्रशासनिक संसाधन फिलहाल मेले की व्यवस्था में लगे रहेंगे. ऐसे में मेला समाप्त होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा.
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने, प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी, अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन तथा भर्ती के प्रत्येक चरण की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक चरण को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए.
इसके अलावा शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित कराने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने का निर्देश दिया गया. प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भर्ती प्रक्रिया में केवल योग्य और पात्र अभ्यर्थियों का ही चयन सुनिश्चित हो, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे.
देवघर में होमगार्ड बहाली की शुरुआत हजारों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखी जा रही है. अब युवाओं की निगाहें 15 जुलाई से शुरू होने वाली आवेदन प्रक्रिया और उसके बाद होने वाली भर्ती की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं.


