देवघर: जिले के पालाजोरी थाने की पुलिस पर आरोपी को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है, जिससे कि आरोपी की मौत हो गई. इसे लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने साइबर अपराध के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया थी. जिसकी तबीयत बिगड़ गई. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इसे लेकर स्थानीय लोग सुबह से ही अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि बुधवार को साइबर ठगी के आरोप में दुधनी गांव निवासी मेराज अंसारी को पालाजोरी थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. करीब 8 से 10 घंटे की पूछताछ के बाद मेराज अंसारी की तबीयत अचानक खराब हो गई.
तबीयत खराब होते ही पालाजोरी थाने की पुलिस उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले गई लेकिन डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया. जहां पहुंचने के बाद ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने आरोपी मेराज अंसारी को मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद परिजन और स्थानीय लोग पालाजोरी पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस द्वारा की गई प्रताड़ना के कारण मेराज की मौत हुई है.
परिजनों ने बताया कि जब पालाजोरी थाने की पुलिस मेराज को उसके घर से उठाकर ले गई थी तो वह स्वस्थ था लेकिन शाम को उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई. परिजनों ने बताया कि घर से ले जाने के दौरान मेराज अंसारी के साथ मारपीट भी की गई थी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पालोजोरी थाने की पुलिस आए दिन लोगों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार करती है. जिसका नतीजा यह हुआ कि आज एक आरोपी की मौत हो गई.
वहीं लोगों द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर स्थानीय डीएसपी रंजीत लकड़ा ने कहा कि लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. पूरे मामले पर देवघर जिले के पुलिस प्रवक्ता सह डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि परिजनों द्वारा पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है. इसीलिए मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है. उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का असली कारण क्या है.
वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं. पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि साइबर अपराध को लेकर जिस तरह से पुलिस कार्रवाई कर रही है वह निंदनीय है. स्थानीय प्रशासन को संज्ञान लेने की जरूरत है ताकि किसी निर्दोष की जान न जाए.


