देश की सबसे खूबसूरत वादी जम्मू कश्मीर से एक युवा जिमनास्ट रुद्राक्ष खन्ना का उदय हो रहा है, जिसने हाल ही में एरोबिक जिमनास्टिक्स में देश के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मेडल जीता और अब वो एशियन चैंपियन बनने के लिए कड़ी ट्रेनिंग कर रहा हैं.
खन्ना ने 2 और 3 मई के बीच थाईलैंड के बैंकॉक में हुई पहली JRC एरोबिक जिमनास्टिक्स स्टार्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया. उन्होंने एक इंडिविजुअल इवेंट में चीन, कजाकिस्तान और तीन अन्य देशों के जिमनास्टों को हराया, जबकि गोल्ड मेडल मेजबान देश थाईलैंड के नाम रहा. थाईलैंड में आयोजित JRC एरोबिक चैंपियनशिप में, वह भारत से एकमात्र जिम्नास्ट थे और उन्होंने देश का नाम रोशन किया.
देश के लिए मेडल जीतना गर्व का पल
ईटीवी भारत के रिपोर्टर आमिर तांत्रे के साथ एक इंटरव्यू में खन्ना ने कहा कि एरोबिक जिमनास्टिक्स में देश के लिए मेडल जीतना उनके लिए गर्व का पल है. उन्होंने कहा, ‘यह उपलब्धि मेरे कोचों, सुरिंदर पाल सिंह और कृपाली सिंह के सपोर्ट के बिना मुमकिन नहीं थी, जिन्होंने हमेशा मुझ पर भरोसा किया और हर तरह का सपोर्ट दिया. यह निश्चित रूप से गर्व का पल है, लेकिन बात यहीं नहीं रुकेगी, क्योंकि मैं आने वाली एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना चाहता हूं.’

खन्ना 10वीं क्लास का क्षात्र हैं
खास बात ये है कि रुद्राक्ष खन्ना 10वीं क्लास का क्षात्र हैं. जिसकी वजह से वो पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं अभी 10वीं क्लास में पढ़ रहा हूं और अपनी पहली बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाला हूं, मुझे पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखना हैं. जहा मैं दिन के समय अपने कोचों की देखरेख में ट्रेनिंग करता हूं, वहीं रात में पढ़ाई करता हूं.’
दो बार एशियन गेम्स में ले चुके हैं भाग
पांच फीट सात इंच लंबे खन्ना देश में एरोबिक्स और जिमनास्टिक्स के एक युवा एथलीट बनकर उभर रहे हैं. उन्होंने दो बार एशियन गेम्स और इंटरनेशनल जिमनास्टिक्स फेडरेशन (IGF) द्वारा आयोजित सुजुकी वर्ल्ड जिमनास्टिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन देश के लिए मेडल जीतने से चूक गए. पिछली सुजुकी वर्ल्ड चैंपियनशिप में, वह चौथे स्थान पर रहे और बहुत थोड़े अंतर से मेडल से चूक गए.

‘शेर-ए-कश्मीर’ पुरस्कार से भी सम्मानित
ये भी उल्लेखनीय है कि जिमनास्टिक्स में उपलब्धियों के लिए, खन्ना को 2025 में जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में ‘शेर-ए-कश्मीर’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया था. खन्ना कहते हैं कि उन्हें अपनी मां, सीमा खरियाल से प्रेरणा मिलती है, जो एक मैराथन धावक हैं और बारामूला तथा पटनीटॉप मैराथन की ब्रांड एंबेसडर हैं. उनकी बहन, सुदीप्ति खन्ना भी एक जिमनास्ट हैं और उन्हें भी इस वर्ष जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में ‘शेर-ए-कश्मीर’ पदक से सम्मानित किया गया.


