सर्दी में अक्सर लोग ठंड से बचने के लिए हीटर या अंगीठी का उपयोग करते हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रात में इन्हें जलाकर ही सो जाते हैं। कई बार इसकी वजह से लोगों की जान भी चली जाती है। बंद कमरे में हीटर या अंगीठी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) सहित कई जहरीली गैसों की मात्रा बढ़ जाती है जो जानलेवा साबित होती है।
कड़ाके की ठंड में राहत के लिए बहुत से लोग कमरा बंद कर हीटर-वार्मर या अंगीठी में कोयला-लकड़ी जलाकर सोते हैं। ऐसे में सोते-सोते बहुत से लोगों की जान चली जाती है।
हाल में राजधानी के फुलवारीशरीफ में तीन बच्चों की बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं।
जहरीली गैस से मौतदरअसल, बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने वालों की मौत का कारण रंगहीन-गंधहीन जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस है।
यह गैस ऑक्सीजन की तुलना में ज्यादा भारी होती है, इसलिए जमीन पर सोने वालों के साथ ये दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं। ये बातें पीएमसीएच के न्यूरोफिजिशियन डॉ. गुंजन कुमार और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने कहीं



