झारखंड हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ बयान देने के मामले में बाबूलाल मरांडी को मिली अंतरिम राहत वापस ले ली है। मरांडी ने सुनवाई के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। मरांडी पर रामगढ़, सिमडेगा, बरहेट और मधुपुर में प्राथमिकी दर्ज है।
रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ बयान देने के मामले में दर्ज प्राथमिकी को लेकर दाखिल बाबूलाल मरांडी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने पीड़क कार्रवाई नहीं करने के आदेश को वापस ले लिया। इस दौरान बाबूलाल मरांडी की ओर से समय दिए जाने की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
बयानबाजी करने पर बाबूलाल मरांडी के खिलाफ रामगढ़, सिमडेगा, बरहेट और मधुपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनकी ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर प्राथमिकी निरस्त करने का आग्रह किया गया है।
कई थानों में हुई ही एफआईआर
एक यूट्यूब चैनल ने बाबूलाल मरांडी की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ दिए गए साक्षात्कार को अपलोड किया था। जिसमें हेमंत सोरेन पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा गया था कि हेमंत सोरेन और उनका परिवार पूरे राज्य में भ्रष्टाचार फैला रहा है।
राज्य के नौकरशाह उनके नियंत्रण में है। इसके खिलाफ झामुमो के कार्यकर्ताओं ने राज्य के छह जिलों के थानों में प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले को लेकर 25 अगस्त 2023 को सिमडेगा, रामगढ़ थाना और देवघर के मधुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


