रांची: झारखंड के स्कूली विद्यार्थियों की कला और सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच देने के लिए आयोजित ‘झारखंड स्कूल प्रतिभा खोज 2026–झारखंड स्कूल आइडल: सुर और ताल संग्राम’ के प्रमंडल स्तरीय चयन कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता के तहत 22 अक्टूबर को कोल्हान प्रमंडल में चयन कार्यक्रम हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने गायन और नृत्य की प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का अवसर देना है। इसके माध्यम से विद्यालयों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान करने, बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी ले सकते हैं हिस्सा
झारखंड स्कूल आइडल प्रतियोगिता में सरकारी और निजी विद्यालयों के कक्षा छह से आठ तथा कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता को गायन और नृत्य की अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित किया जा रहा है।
गायन श्रेणी में शामिल हैं:
- एकल गायन
- लोकगीत
- देशभक्ति गीत
- शास्त्रीय गायन
नृत्य श्रेणी में शामिल हैं:
- एकल नृत्य
- लोक नृत्य
- शास्त्रीय नृत्य
- मुक्त शैली का नृत्य
प्रत्येक प्रस्तुति के लिए चार से छह मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इससे विद्यार्थियों को तय समय के भीतर अपनी कला और हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा।
इन तारीखों पर होंगे अन्य प्रमंडलों के चयन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य के अन्य प्रमंडलों में भी चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का शेड्यूल इस प्रकार है:
| तारीख | प्रमंडल | चयन स्थल |
|---|---|---|
| 22 अक्टूबर 2026 | कोल्हान | कोल्हान प्रमंडल |
| 23 अक्टूबर 2026 | पलामू | पलामू |
| 24 अक्टूबर 2026 | दक्षिणी छोटानागपुर | रांची |
| 25 अक्टूबर 2026 | उत्तरी छोटानागपुर | हजारीबाग |
| 26 अक्टूबर 2026 | संथाल परगना | दुमका |
इन आयोजनों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी गायन और नृत्य प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रतिभा निखारने की पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पढ़ाई के साथ रचनात्मकता, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया गया है। झारखंड स्कूल आइडल को इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा पहचानने, मंच पर प्रस्तुति देने तथा आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विद्यालयों में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है।
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