Thursday, March 19, 2026

झारखंड सरकार ने भवन निर्माण पर लेबर सेस (Jharkhand Labor Cess) की दर बढ़ा दी है।

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झारखंड सरकार ने भवन निर्माण पर लेबर सेस (Jharkhand Labor Cess) की दर बढ़ा दी है। अब यह 14 रुपये से बढ़कर 17.22 रुपये प्रति वर्गफीट हो गया है, जिससे पलामू समेत पूरे राज्य में मकान बनाना महंगा हो जाएगा। सूडा निदेशक ने सभी नगर निकायों को बढ़ी हुई दरें लागू करने का निर्देश दिया है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा

 पलामू समेत झारखंड में भवन निर्माण कराने वाले लोगों को अब पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा।

राज्य सरकार ने लेबर सेस की दर में बढ़ोतरी कर दी है। पहले यह दर 14 रुपये प्रति वर्गफीट थी, जिसे बढ़ाकर अब 17.22 रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया है।

सूडा निदेशक सूरज कुमार ने इस संबंध में राज्य के सभी नगर निकायों के प्रशासकों और आरआरडीए उपाध्यक्ष को पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि बढ़ी हुई दर को सॉफ्टवेयर में अपडेट करते हुए उसी के अनुरूप लेबर सेस की वसूली की जाए।

भवन निर्माण की लागत में होगी वृद्धि

लेबर सेस की राशि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के लिए वसूली जाती है। दर बढ़ने से बोर्ड के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा।

निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले ही सीमेंट, सरिया, बालू और मजदूरी की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में लेबर सेस बढ़ने से घर बनाना आम लोगों के लिए और मुश्किल हो जाएगा।

1000 वर्गफीट मकान पर 3220 रुपये का अतिरिक्त बोझ

पहले 14 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से 1000 वर्गफीट के मकान के लिए 14 हजार रुपये लेबर सेस देना पड़ता था। अब नई दर लागू होने के बाद इसी क्षेत्रफल के मकान के लिए 17,220 रुपये जमा करने होंगे।

नगर निकाय द्वारा भवन नक्शा पास कराने के लिए लेबर सेस जमा करना अनिवार्य है। बड़े क्षेत्रफल वाले भवनों के लिए इसी दर के आधार पर अधिक राशि का भुगतान करना होगा।

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