रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रांची में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने SIR और ASD प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
40 से 45 लाख नाम प्रभावित होने का कांग्रेस का दावा
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि SIR और ASD प्रक्रिया के दौरान झारखंड में 40 से 45 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित होने का खतरा है। पार्टी ने गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर विशेष चिंता जताई है।
हालांकि, चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 5 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 43,61,987 नाम ASDD श्रेणी में शामिल नहीं थे। इस श्रेणी में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नामों से जुड़े मतदाता शामिल होते हैं। संबंधित मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।
Form-6 की प्रक्रिया पर भी सवाल
प्रदीप यादव ने नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 और उससे जुड़ी घोषणा व दस्तावेजों की शर्तों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए।
वहीं, चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर नए मतदाताओं के लिए Form-6 और संबंधित घोषणा की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
दावे-आपत्तियों की समय सीमा 30 सितंबर
झारखंड में SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ाई गई है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार Form-7 दाखिल किए जाने मात्र से किसी मतदाता का नाम स्वतः मतदाता सूची से नहीं हटता। नाम हटाने से पहले निर्धारित जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
कांग्रेस ने मांग की है कि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने के साथ दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया को आम लोगों के लिए अधिक आसान बनाया जाए।
28 सितंबर को कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
कांग्रेस ने SIR और मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर 28 सितंबर को प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय तक मार्च करेंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। वहीं, मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर चुनाव अधिकारियों की ओर से जांच और सुनवाई के प्रावधान की बात कही गई है।
