रांची | 30 अक्टूबर 2026
झारखंड में खेती को आधुनिक और जलवायु के अनुकूल बनाने के लिए नई पहल की गई है। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) ने रामगढ़ जिले के चार गांवों में उन्नत कृषि परियोजना शुरू करने के लिए निधि समृद्धि फाउंडेशन के साथ समझौता किया है। 29 अक्टूबर को रांची स्थित CMPDI मुख्यालय में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत संचालित होने वाली इस परियोजना में किसानों को ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई और डिजिटल कृषि से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना और किसानों को बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाना है।
रामगढ़ के चार गांवों के 100 किसानों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के लिए रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड की बिचा पंचायत का चयन किया गया है। इसके अंतर्गत चार गांवों के लगभग 100 किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने की योजना है।
इन गांवों में शामिल हैं:
- बिचा
- लेम
- सुथारपुर
- सालगो
परियोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान संचालित की जाएगी। इस अवधि में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराने और उन्हें खेती में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
ड्रोन और स्मार्ट सिंचाई से खेती को मिलेगी नई दिशा
उन्नत कृषि परियोजना के तहत खेती में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से खेतों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने और संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के प्रमुख पहलुओं में शामिल हैं:
- मिट्टी की जांच: मिट्टी की गुणवत्ता और कृषि संबंधी जरूरतों को समझने के लिए उन्नत जांच की सुविधा।
- मौसम की निगरानी: स्थानीय मौसम से जुड़ी जानकारी के आधार पर खेती की योजना बनाने में सहायता।
- ड्रोन आधारित सेवाएं: कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल।
- स्मार्ट सिंचाई: तकनीक की मदद से सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाना।
- डिजिटल कृषि सलाह: आंकड़ों और तकनीकी जानकारी के आधार पर किसानों को खेती संबंधी सुझाव देना।
इन उपायों से किसानों को फसल और खेतों की जरूरत के अनुसार फैसले लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रशिक्षण और शैक्षणिक भ्रमण पर भी रहेगा जोर
परियोजना का उद्देश्य केवल किसानों तक तकनीक पहुंचाना नहीं है, बल्कि उन्हें इसका प्रभावी इस्तेमाल करना भी सिखाना है। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।
किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और मौसम में होने वाले बदलावों के अनुरूप खेती करने की जानकारी दी जाएगी।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद
बदलते मौसम का खेती पर पड़ने वाला असर किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में मौसम की निगरानी, मिट्टी की जांच और तकनीक आधारित कृषि सलाह से खेती की योजना बनाने में सहायता मिल सकती है।
CMPDI की यह पहल रामगढ़ के चयनित गांवों में कृषि पद्धतियों को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि किसान नई तकनीकों को किस तरह अपनाते हैं और उनका इस्तेमाल खेती में कितना प्रभावी साबित होता है।
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