रांची: बिल्कुल निर्धारित और तय समय पर झारखंड में दस्तक देने का बावजूद मानसून की शुरुआत अपेक्षा से कमजोर रही है. मौसम केंद्र ,रांची से मिले मानसून संबंधित आंकड़े के अनुसार झारखंड में 01 जून से 18 जून 2026 के बीच में औसत वर्षा 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई, जबकि सामान्य स्थिति में वर्षा 74.9 मिलीमीटर होनी चाहिए थी. इस प्रकार राज्य में कुल वर्षा में 59% की कम रही है.
राज्य के ज्यादातर जिलों में मानसून के शुरुआती दिनों में वर्षापात औसत से कम रहा है. रांची जिला को छोड़ दें तो बाकी के 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. पहले से ही अलनीनो के प्रभाव से सामान्य से कम बारिश के पूर्वानुमान के बीच झारखंड में मानसून की शुरुआती कम बारिश चिंता को बढ़ाने वाला है.

गढ़वा, पलामू और साहिबगंज की स्थिति ज्यादा खराब
हालांकि यह मानसून के शुरुआती दिन हैं. बहुत संभव है कि आनेवाले दिनों में मानसूनी बारिश होने से स्थिति में सुधार हो, लेकिन 01 जून से 18 जून तक के मौसम केंद्र, रांची के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में अब तक का मानसून कमजोर ही रहा है. गढ़वा में 01 जून से 18 जून तक सामान्यतः 46.7MM बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक एक मिलीमीटर भी वर्षा दर्ज नहीं हुई, जो सामान्य से 100% कम है. इसी तरह पलामू और साहिबगंज में 97% वर्षा की कमी दर्ज की गई. चतरा में सामान्य से 95% और लोहरदगा में सामान्य से 94% वर्षा कम हुई है. इसी तरह 01 जून से 18 जून के बीच सरायकेला-खरसावां में सामान्य से 84% और खूंटी में 77% वर्षा की कमी दर्ज की गई.
सिर्फ रांची ही सामान्य वर्षापात वाले जिले की सूची में
मौसम केंद्र के तय मानक के अनुसार औसत वर्षा से 19% तक कम या 19% अधिक वर्षा को सामान्य वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है. ऐसे में रांची जिला ही एक मात्र ऐसा जिला है जहां 01 जून से 18 जून के बीच मानसूनी वर्षापात सामान्य रहा है. अब तक रांची जिले में 86.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य 77.5 मिलीमीटर की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है.
कमजोर मानसून ने बढ़ाई किसानों की चिंता
मानसून की कमजोर शुरुआत का असर कृषि गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है. झारखंड में सबसे अधिक धान की खेती होती है. ऐसे में धान के बिचड़े तैयार करने में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि राहत की बात यह है कि मौसम केंद्र ने अपने ताजा पूर्वानुमान में राज्य के कई हिस्सों में आनेवाले दिनों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान मौसम केंद्र ने लोगों को गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है.

मौसम केंद्र के निदेशक ने दी जानकारी
रांची मौसम केंद्र के निदेशक बाबूराज पीपी ने बताया कि झारखंड में मानसून अभी कमजोर पड़ा हुआ है. फेबरेबल कंडीशन नहीं होने की वजह से यह रांची से आगे नहीं बढ़ा है. उन्होंने बताया कि इस महीने के अंतिम सप्ताह में (अनुमानतः 23 जून के आसपास) बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दवाब का क्षेत्र बनने की करीब 50% संभावना है. इससे राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है.


