Wednesday, November 4, 2026

झारखंड में गर्मी से पहले पूरी होंगी पेयजल योजनाएं, सड़क मरम्मत में लापरवाही पर एजेंसियों से होगी वसूली

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Ranchi News | 3 नवंबर 2026: झारखंड के शहरी इलाकों में आगामी गर्मी के दौरान पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज करने का निर्देश दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने राज्य में चल रही पेयजलापूर्ति योजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत में लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसियों से राशि वसूली जाएगी और कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रोजेक्ट भवन में योजनाओं की राज्यस्तरीय समीक्षा

मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में प्रधान सचिव ने राज्य संपोषित, बाह्य सहायतित और अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न शहरों में पेयजल परियोजनाओं की प्रगति और निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई।

सुनील कुमार ने अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि गर्मी शुरू होने से पहले योजनाओं को पूरा करने के लिए काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने इंटेक वेल, जलशोधन संयंत्र और घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने के कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

पाइपलाइन के बाद सड़क मरम्मत में लापरवाही पर सख्ती

प्रधान सचिव ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत ठीक से नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने एजेंसियों को निर्देश दिया कि सड़क का पुनर्निर्माण निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान जहां तक संभव हो, सड़कों को काटने से बचा जाए। यदि सड़क काटना जरूरी हो, तो काम पूरा होने के बाद उसकी मरम्मत सही तरीके से कराई जाए। इस कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसियों से खर्च की वसूली और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

राज्य संपोषित योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में राज्य संपोषित पेयजल योजनाओं के तहत धनबाद फेज-2, मधुपुर, मझिआंव, राजमहल, वासुकीनाथ, कोडरमा, रांची फेज-2बी और दुमका की प्रगति की समीक्षा की गई।

प्रधान सचिव ने इन परियोजनाओं में निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

एशियन डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक की योजनाओं पर चर्चा

बाह्य सहायता से संचालित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की सहायता से रांची फेज-2ए, हुसैनाबाद, रांची फेज-2सी, मेदिनीनगर और झुमरीतिलैया में पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है।

वहीं, विश्व बैंक की मदद से कपाली, गुमला और लोहरदगा में पेयजलापूर्ति परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधान सचिव ने इन योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया।

अमृत योजना के तहत इन शहरों पर फोकस

अमृत योजना के अंतर्गत रामगढ़, सिमडेगा, बड़की सरैया, जामताड़ा, महागामा, धनबाद फेज-1, आदित्यपुर, चास, हजारीबाग और रांची फेज-1 समेत विभिन्न शहरों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्यों में किसी तरह की देरी न हो और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें।

विभागों के बीच समन्वय से दूर होंगी बाधाएं

प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि पेयजल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को दूसरे विभागों के साथ समन्वय बनाकर जल्द दूर किया जाए।

उन्होंने तकनीकी सेल और जुडको को एजेंसियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा तकनीकी कार्यों की दोबारा समीक्षा करने का निर्देश दिया। सरकार का जोर है कि शहरी क्षेत्रों में गर्मी के मौसम से पहले पेयजलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि लोगों को पानी की परेशानी का सामना न करना पड़े।


Bharat Superfast News | Jharkhand Desk

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