रांची: झारखंड में हुए शराब घोटाले मामले की जांच और तेज कर दी गई है. इस मामले में सातवीं गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ के रायपुर से की गई है. एंटी करप्शन ब्यूरो ने शराब घोटाले में पूर्व में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के करीबी कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को रायपुर से गिरफ्तार किया है. सिद्धार्थ सिंघानिया की गिरफ्तारी की पुष्टि एसीबी सूत्रों ने की है.
- बुधवार देर रात झारखंड एसीबी ने सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया. गुरुवार को एसीबी ने सिद्धार्थ को रायपुर स्थित कोर्ट में पेश किया. जहां से ट्रांजिट रिमांड पर उसे रांची लाया जा रहा है. एसीबी अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को सिद्धार्थ को रांची स्थित एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा. एसीबी ने 11 जून को उपस्थिति के लिए सिद्धार्थ को समन भेजा था. लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे. जिसके बाद एसीबी ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लिया था.
- एसीबी झारखंड ने जांच में पाया है कि सिद्धार्थ सिंघानिया की भूमिका तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के साथ मिलकर शराब नीति बनवाने में थी. इसके बाद उसने सचिव और अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत कर प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन कराया. झारखंड और छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर पूर्व में ईडी की जांच में यह बात समाने आयी थी कि कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया के द्वारा सिंडिकेट में बिचौलिए की भूमिका निभायी जा रही थी. उसकी डायरी से सिंडिकेट की कई चीजें उजागर हुईं थीं.
छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर शराब नीति में फेरबदल कर दो राज्यों में शराब कारोबार पर कब्जे को लेकर एसीबी छतीसगढ़ में भी 7 सितंबर 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में झारखंड के तत्कालीन उत्पाद विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों, छतीसगढ़ के आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा के साथ झारखंड में शराब की सप्लाई, मैन पॉवर और होलोग्राम बनाने वाली कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया था.


