रांची : झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के श्रीनिवासन ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए फॉल्ट के त्वरित निवारण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं. समीक्षा के दौरान सीएमडी ने कहा कि बिजली आपूर्ति के दौरान होने वाले फॉल्ट का तेजी से निपटारा करने के लिए राज्य के सभी विद्युत आपूर्ति प्रमंडलों में एक विशेष गैंग का गठन किया जायेगा. इस गैंग में एक कुशल श्रमिक और दो अकुशल श्रमिक शामिल रहेंगे. साथ ही एक गाड़ी भी दी जायेगी. यह स्पेशल गैंग 24 घंटे सातों दिन कार्य करेगा और कहीं भी फॉल्ट होने पर तत्काल संबंधित स्थल पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में सहयोग करेगा. इससे फॉल्ट का त्वरित निवारण हो सकेगा और उपभोक्ताओं को कम समय तक बिजली बाधित रहने की समस्या का सामना करना पड़ेगा. बैठक की जानकारी सभी प्रमंडल में जेबीवीएनएल के निदेशक प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने भेज दिया है.
पोल-ट्रांसफारमर की नहीं होगी कमी
बैठक में यह भी बताया गया कि कई बार पोल नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में कठिनाई आती है. इसे देखते हुए झारखंड बिजली वितरण निगम के सभी प्रमंडलों में पर्याप्त संख्या में पोल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत पोल लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके. समीक्षा के दौरान ट्रांसफारमर की उपलब्धता पर भी विशेष चर्चा हुई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रमंडलों में 25 केवीए, 63 केवीए, 100 केवीए और 200 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मरों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाये. इससे ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में बिना विलंब बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी.सीएमडी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को ट्रांसफार्मर की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण ट्रांसफार्मरों के उपयोग और उनकी सतत मॉनिटरिंग से खराबी की घटनाओं में कमी आयेगी.
नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने का निर्देश
बैठक में निदेशक (डीएंडपी) को भी ट्रांसफार्मर की स्थिति की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. इसके लिए फील्ड स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और त्वरित मरम्मत तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठाये जा रहे हैं.


