जामताड़ा: जिले में अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाने और अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई बागडेहरी थाना क्षेत्र के सटकी हिंगोलो नदी और बराकर नदी के चितामी घाट से कथित तौर पर बालू उठाव की शिकायतों के बाद प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ने के बीच सामने आई है।
अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण के निर्देश
उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, संबंधित अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने को कहा है। अधिकारियों को मौके पर जाकर बालू घाटों और संभावित अवैध खनन वाले स्थानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध तरीके से बालू निकालने, उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने या बिना अनुमति के भंडारण करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।
रैंडम जांच और छापेमारी पर भी जोर
डीसी ने पहले जारी किए गए रैंडम रेड और स्थल निरीक्षण संबंधी निर्देशों का भी पूरी तरह पालन करने को कहा है। अधिकारियों से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
इसका उद्देश्य जिले में बालू के अवैध कारोबार पर प्रभावी निगरानी रखना और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
बालू घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश
उपायुक्त ने बालू घाटों की बंदोबस्ती से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा करने को कहा है। इसके लिए 30 सितंबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।
प्रशासन का फोकस वैध बालू उठाव की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ-साथ अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने पर है।
सटकी हिंगोलो और चितामी घाट को लेकर उठे थे सवाल
बागडेहरी क्षेत्र के सटकी हिंगोलो नदी और बराकर नदी के चितामी घाट से बालू उठाव को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे थे। मामले को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद अब जिला प्रशासन ने जिले के विभिन्न हिस्सों में निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का जायजा लें और अवैध खनन या परिवहन की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करें।
