झारखंड के जमशेदपुर जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। जिले की करीब 27 लाख आबादी के लिए सरकारी एंबुलेंस की संख्या सीमित होने से मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिले में सरकारी व्यवस्था के तहत कुछ एंबुलेंस संचालित हैं, जिनमें 108 सेवा की एंबुलेंस भी शामिल हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए ममता वाहन की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि, कई बार आपात स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता और समय पर पहुंचने को लेकर लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करने और खराब वाहनों को दुरुस्त कराने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य केंद्रों से एंबुलेंस की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी जिले में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मजबूत आपातकालीन परिवहन नेटवर्क बेहद जरूरी है। समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और गर्भवती महिलाओं को जल्द इलाज मिल सकता है।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक एंबुलेंस नेटवर्क और आपातकालीन सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
