
हजारीबाग न्यूज़:[corona] संक्रमण के बाद से हजारीबाग जिले में बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया में पेंच फसी हुई है।दो चार बालू घाट प्रारंभ हो भी रहे हैं लेकिन प्रक्रिया कुछ इस तरह तैयार की जा रही है कि इसे लागू करने में पसीने छूट रहे हैं लेकिन नए साल 2025 में बालू को लेकर जिला में राहत की बरसात होने वाली है। जिला खनन कार्यालय से प्राप्त जानकारी को माने तो जनवरी माह से जिले में साथ बालू घाट प्रारंभ हो जाएंगे यह बालू घाट बड़कागांव चालकुशा और बरही के हैं विभाग ने बालू घाट को लेकर सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी कर ली है। अंतिम मामला पर्यावरण को लेकर जुड़ा था जिसे लेकर देरी हो रही थी। परंतु यह भी कार्य पूरा कर लिया गया है। मां यह लगाया जा रहा है कि जिले में जनवरी घाट में बड़का गांव के कर चलकुशा के दो और बरही के एक बालू घाट से उठाओ प्रारंभ हो जाएगा। ज्ञात हो कि बालू घाट नहीं होने के कारण बड़े पैमाने पर बालू की तस्करी की जा रही है। तस्करी के सफेदपोस से लेकर खाकी तक शामिल है। से लेकर खनन विभाग और पुलिस विभाग की निंदा होती आ रही है। इन बालूरघाट के प्रारंभ होने से आम आदमी को काफी राहत मिलेगी। और एक तरफ तस्करी पर भी लगाम लग जाएगी। में बरही में बराकर नदी से बरिसाल, करगईयो, बेहराबाद, धोबीयापहरी, गोरियाकरमाऔर चतरा के मयूरहंड से तस्करी होती है। इसी तरह बड़कागांव, मे हहाड़ो, बदमाही, बड़की नदी, रूडी, साढ़, बूढ़ी नदी के स्थान से बालू की तस्करी होती है। बालू की किल्लत से लोग भी त्रस्त थे और तस्करी से सरकार को काफी क्षति पहुंच रही थी।


