Sunday, August 9, 2026

छात्रों के आंदोलन पर CM हेमंत सोरेन का संदेश, बोले- बातचीत से निकलेगा रास्ता, भरोसा रखें युवा.

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रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची में आयोजित आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में छात्रों और युवाओं की ओर से उठाई जा रही मांगों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को सरकार गंभीरता से देख रही है और नियुक्तियों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं से संयम बनाए रखने और सरकार पर विश्वास रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनका हक और न्याय दिलाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

युवाओं को मिलेगा न्याय, दोषियों पर होगी कार्रवाई

हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार को सामने आई अनियमितताओं की जानकारी मिली है और मामले में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन युवाओं को परेशानी हुई है, उनके साथ न्याय किया जाएगा। साथ ही, अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल आंदोलन कर रहे छात्रों की ही नहीं, बल्कि उन युवाओं की समस्याओं को भी समझने का प्रयास कर रही है जो फिलहाल आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं।

राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की सलाह

मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे युवाओं से कहा कि उन्हें अपनी मांगों के लिए किसी राजनीतिक दल के सहारे की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर सकती हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रखें। सरकार उनकी बात सुनने और समाधान का रास्ता तलाशने के लिए तैयार है।

‘बातचीत से हल होगी समस्या’

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, अपने ही लोगों की समस्याओं का जवाब बल प्रयोग से नहीं, बल्कि बातचीत और समझ के जरिए तलाशना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।

सामाजिक असमानता पर भी बोले हेमंत सोरेन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक और आर्थिक असमानता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी के कई दशक बाद भी समाज में पूर्ण समानता हासिल नहीं हो सकी है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक असमानता बढ़ने से समाज में तनाव की स्थिति पैदा होती है। सरकार का प्रयास होना चाहिए कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।

आदिवासी संस्कृति और पहचान को संरक्षित करने पर जोर

आदिवासी महोत्सव के उद्देश्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और पहचान को सुरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने झारखंड के इतिहास में शोषण और अन्याय के खिलाफ हुए आंदोलनों का भी उल्लेख किया।

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अपेक्षाकृत युवा राज्य है और उसे आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की पहचान और यहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

‘युवाओं की चिंता हमारी भी चिंता’

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकार पर भरोसा रखना चाहिए और उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए मौजूदा मुद्दों का समाधान निकाला जा सकेगा।

उन्होंने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि छात्रों की शिकायतों पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलता हुआ दिखाई भी देगा।

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