नई दिल्ली: दुनिया की जानी-मानी टेक कंपनी एप्पल ने भारत सहित पूरी दुनिया में अपने मैकबुक और आईपैड की कीमतों में बहुत बड़ी बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी ने अलग-अलग मॉडलों के दाम 20 से लेकर 42 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं. इसका मतलब है कि अब एप्पल के लैपटॉप और टैबलेट खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. बढ़ी हुई ये नई कीमतें एप्पल इंडिया की वेबसाइट पर तुरंत लागू कर दी गई हैं.
क्यों बढ़े अचानक दाम?
एप्पल ने इस बड़ी मूल्य वृद्धि के पीछे ‘मेमोरी चिप’ और ‘स्टोरेज’ की लगातार बढ़ती लागत को जिम्मेदार ठहराया है. कंपनी ने अपने एक बयान में बताया कि आजकल दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इसके लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स बनाए जा रहे हैं, जिनमें इस्तेमाल होने वाली खास चिप और मेमोरी की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है. मांग बढ़ने के कारण इन पार्ट्स की कीमतें आसमान छू रही हैं. एप्पल के अनुसार, उन्होंने इतिहास में पहले कभी पार्ट्स के दामों में इतनी तेज बढ़ोतरी नहीं देखी थी. कंपनी अब तक इस बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठा रही थी, लेकिन अब मजबूरी में इसका भार ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है.
किस मॉडल की कितनी बढ़ी कीमत?
नए रेट के अनुसार, एम5 प्रो (M5 Pro) चिप वाले 14 इंच के मैकबुक प्रो की कीमत करीब 20 प्रतिशत बढ़ गई है. यह लैपटॉप पहले ₹2,49,900 का मिलता था, जो अब महंगा होकर ₹2,99,900 का हो गया है. सबसे बड़ा झटका उन लोगों को लगा है जो आईपैड खरीदना चाहते थे. 13 इंच के आईपैड एयर (iPad Air) के बेसिक मॉडल की कीमत में सबसे ज्यादा 41.22 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है. इसकी कीमत अब ₹84,900 से बढ़कर सीधे ₹1,19,900 हो गई है. इसके अलावा मैकबुक नियो, मैकबुक एयर और आईपैड प्रो (वाई-फाई) के दाम भी काफी बढ़ गए हैं.
बाजार विशेषज्ञों का क्या कहना है?
टेक बाजार पर नजर रखने वाली कंपनी ‘काउंटरपॉइंट रिसर्च’ के अधिकारी नील शाह ने बताया कि एप्पल द्वारा की गई यह बढ़ोतरी केवल एक सामान्य बदलाव नहीं है. यह दिखाता है कि चिप और प्रोसेसर महंगे होने की वजह से अब पूरे कंप्यूटर और टैबलेट बाजार का ढांचा ही बदल रहा है. इस पूरी खबर में आम ग्राहकों के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि एप्पल ने फिलहाल अपने आईफोन (iPhone) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.


