गिरिडीह: नशा के खिलाफ मुख्यमंत्री के स्तर से जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश पूर्व में ही सभी जिला को मिला है. गिरिडीह में भी नशा के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है. प्रशासन द्वारा अब गांव के अंदर बैठकर लोगों को समझाने का काम किया जा रहा है. इसी अभियान के तहत मंगलवार की शाम जिले के बरहमोरिया गांव में प्रशासन ने चौपाल लगाने का काम किया. जहां डीसी रामनिवास यादव के साथ एसपी डॉ बिमल कुमार, डीडीसी स्मृति कुमारी के अलावा कई अधिकारी मौजूद रहे.
जमीन पर बैठकर डीसी और एसपी ने ग्रामीणों और खासकर ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चियों से खुलकर बात की. डीसी द्वारा लोगों को बताया कि नशा के कारण कैसे परिवार फिर समाज बर्बाद होता है. नशा से घर का माहौल कैसे खराब होता है. इस दौरान मौजूद महिलाओं और बच्चियों ने भी संवाद किया. चौपाल में मौजूद महिलाओं और बच्चियों को महिला सशक्तिकरण की जानकारी दी और बताया कि इज्जत से कैसे जीना है.
- चौपाल पर डीसी ने एक बच्ची से सीधा संवाद किया. इस दौरान स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची ने बताया कि कैसे पहले उसके घर का माहौल खराब था. पिता शराब के नशे में आते थे, अभी हाल में कुछ सुधार हुआ है. बच्ची बताती है कि इस माहौल के बावजूद उसने 98 प्रतिशत मार्क्स लाया. डीसी ने बच्ची की तारीफ की और फिर कहा कि नशा से हम सभी को लड़ना है.
- मीडिया से बात करते हुए डीसी रामनिवास यादव ने कहा कि नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें. डीसी ने पंचायत के मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि समाज में जागरूकता फैलाने में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने आग्रह किया कि गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराएं तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में सक्रिय योगदान दें.
- इस दौरान एसपी डॉ बिमल कुमार ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती है. इसके विरुद्ध जनसहभागिता के बिना प्रभावी परिणाम संभव नहीं है. एसपी ने लोगों से अपील किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और सेवन की सूचना प्रशासन को दें, ताकि इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.
- वहीं चौपाल में मैजूद डीडीसी स्मृति कुमारी ने लोगों से खोरठा भाषा में संवाद किया. कहा कि नशे की लत से आर्थिक, सामाजिक और मानसिक समस्याएं बढ़ती हैं. साथ ही परिवार की खुशहाली और सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि एक जागरूक नागरिक के रूप में सभी की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें. इसके अलावा अपने परिवार, पड़ोस तथा गांव के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें.
- नशे के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत ही यह चौपाल लगाया गया. गिरिडीह में इस तरह का रात्रि चौपाल पहली दफा लगा, जहां सिर्फ नशामुक्ति की बात हुई. बड़ी बात है कि यह चौपाल उस गांव में लगा जहां के कुछ लोग नशा का ही अवैध कारोबार करते हैं. इस गांव को कुछ लोगों ने महुआ शराब की चुलाई के कारण बदनाम कर रखा है. यहां प्रशासन की कार्रवाई भी अभी तक कुछ खास असर नहीं डाल सकी थी.



