मार्च के अंत में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मैक्सिमम टेंपरेचर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, और लू हीट, वेव जैसी स्थिति बन रही है. हीट वेव और तेज धूप से बचने के लिए, हर घर में लोगों ने एयर कूलर और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. जहां कुछ लोग नए कूलर खरीद रहे हैं, वहीं कई लोग अपने पुराने कूलर साफ करके उन्हें दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार कर रहे हैं. इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर खरीदने की आर्थिक क्षमता हर किसी के पास नहीं होती. इसके अलावा, हर साल एक नया कूलर खरीदना भी व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है.
इसलिए, बहुत से लोग पुराने कूलर को साफ करके दोबारा इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, बहुत से ऐसे भी लोग है, जो अपने पुराने कूलर को अच्छी तरह साफ किए बिना ही इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराने कूलर को बिना ठीक से साफ किए दोबारा इस्तेमाल करना सही नहीं है. ऐसा इसलिए है क्योंकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) और अमेरिकन लंग एसोसिएशन की एक स्टडी में पाया गया कि लंबे समय तक इस्तेमाल न किए गए कूलरों में जमा धूल और गंदगी की वजह से सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं. जानिए बिना साफ किए कूलर का इस्तेमाल करने से क्या समस्याएं हो सकती है.
कूलर की सफाई न करने से होने वाली बीमारियां…
बिना साफ किए पुराने कूलर का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसके अंदर जमा पानी और गंदगी मच्छरों के पनपने की जगह बन सकती है, जो डेंगू और मलेरिया फैलाते हैं. इसके अलावा, यह सांस से जुड़ी बीमारियों, अस्थमा और एलर्जी का कारण भी बन सकता है. ऐसी गंदगी में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जो सीधे हवा में मिलकर फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं.
कूलर में लंबे समय तक नमी और पानी जमा रहने के कारण उसमें बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगते हैं. अगर पुराने कूलर को बिना साफ किए इस्तेमाल किया जाए, तो ये बैक्टीरिया और फफूंद हवा के जरिए फेफड़ों में प्रवेश कर सकते हैं और अस्थमा, एलर्जी, छींक आना और नाक बंद होना जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं. साथ ही, इस हवा को लगातार सांस के जरिए अंदर लेने से फेफड़ों के ऊतकों में सूजन आ सकती है, जिससे बुखार, खांसी और गले में खराश हो सकती है.
मोटर और पंखे के ब्लेड की सफाई
कूलर की सफाई करने से पहले, तीनों तरफ लगे कूलिंग पैड हटा दें. इन्हें हटाने से अंदर की सफाई आसानी से हो जाएगी. इसके बाद, कूलर के अंदर मोटर और पंखे के ब्लेड पर जमी धूल और गंदगी को कपड़े से पोंछ लें. फिर, पंखे के ब्लेड और अन्य हिस्सों पर जमी धूल को गीले कपड़े से दोबारा पोंछ लें. इसके बाद, स्क्रू पर थोड़ा सा लुब्रिकेटिंग ऑयल या नारियल तेल लगा दें. इससे जंग हट जाएगी और पंखा बिना आवाज किए घूमने लगेगा.
पानी की टंकी की सफाई
कूलर के पंखे और मोटर को साफ करने के बाद, विशेष रूप से पानी के टैंक वाले हिस्से को साफ करना चाहिए. क्योंकि पानी के टैंक में काई और धूल जमा हो जाती है. अगर टैंक को साफ न किया जाए, तो बदबू आने की संभावना रहती है. इसलिए पानी के टैंक को भी अच्छी तरह से धोना चाहिए. हालांकि, अगर आप कूलर के पानी के टैंक को साफ करने से एक घंटा पहले उसमें थोड़ा सा सिरका मिला हुआ पानी छिड़क दें और एक घंटे बाद उसे साफ कर दें, तो कूलर न केवल साफ रहेगा बल्कि बदबू भी नहीं आएगी.
कूलिंग पैड की सफाई
कूलर की मोटर, पानी की टंकी और पंखे के ब्लेड साफ करने के बाद, कूलिंग पैड भी साफ करने चाहिए. अगर हनीकॉम्ब पैड खराब नहीं हैं, तो उन्हें वैसे ही रहने दें. लेकिन, अगर हनीकॉम्ब पैड खराब हो गए हैं, तो पुराने पैड हटाकर उनकी जगह नए पैड ठीक से लगाएं, नए हनीकॉम्ब पैड लगाने से न सिर्फ अच्छी कूलिंग मिलती है, बल्कि ताजी हवा का सर्कुलेशन भी बना रहता है, अगर कूलर के पैड हनीकॉम्ब मटीरियल के बजाय घास के बने हैं, तो उन्हें अच्छी तरह से साफ करें या फिर पूरी तरह से बदल दें.


