गयाजी, 26 अक्टूबर 2026। बिहार के गयाजी स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य मठ को पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत मठ परिसर में लेजर लाइट एंड साउंड शो स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 8.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
इस परियोजना का उद्देश्य मठ के ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करना है। लेजर लाइट, ध्वनि और दृश्य प्रस्तुति के जरिए यहां आने वाले लोगों को एक नया अनुभव देने की तैयारी है।
8.85 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली मंजूरी
शंकराचार्य मठ में प्रस्तावित लेजर लाइट एंड साउंड शो पर कुल 8 करोड़ 85 लाख 24 हजार 892 रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
योजना के तहत शो की स्थापना के साथ अगले पांच वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है। इससे परियोजना शुरू होने के बाद सुविधा को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य
इस परियोजना की कार्यकारी एजेंसी बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को बनाया गया है। निर्धारित योजना के अनुसार, निर्माण और स्थापना से संबंधित कार्य को आगामी एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और एजेंसी के चयन के बाद परियोजना का काम आगे बढ़ेगा। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने और पूरा होने की वास्तविक समयसीमा संबंधित विभाग की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
पहली किस्त के रूप में 2.21 करोड़ रुपये स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना के लिए पहली किस्त के तौर पर 2 करोड़ 21 लाख 31 हजार 223 रुपये की स्वीकृति दी गई है। शेष राशि परियोजना की प्रगति और निर्धारित वित्तीय प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
परियोजना में शो की स्थापना के अलावा पांच साल तक संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी की गई है। इससे लंबे समय तक इसकी उपयोगिता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
गयाजी के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
गयाजी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए शंकराचार्य मठ में लेजर लाइट एंड साउंड शो एक नया आकर्षण बन सकता है।
रोशनी और ध्वनि के माध्यम से मठ की विरासत को प्रस्तुत करने की योजना से पर्यटकों को इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
परियोजना पूरी होने के बाद गयाजी आने वाले पर्यटक धार्मिक स्थलों के भ्रमण के साथ इस आधुनिक प्रस्तुति का अनुभव भी कर सकेंगे। फिलहाल प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब टेंडर प्रक्रिया और काम शुरू होने का इंतजार है।
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