लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हार के बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने खूंटी जिले में नगर सरकार पर कब्जा जमाकर आगामी चुनावों के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. नगर पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रानी टूटी ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद अपने नाम किया.
पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा थे सक्रिय
चुनावी रणनीति में भाजपा के दिग्गज नेताओं की सक्रिय भूमिका भी अहम रही. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने चुनावी घोषणा के बाद शहर में जनसंपर्क कर लोगों से संवाद किया और भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया. इसी दौरान झामुमो के डेढ़ सौ से अधिक कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिली.
पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने चलाया था जनसंपर्क अभियान
इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबुलाल मरांडी ने खूंटी पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और घर-घर जाकर जनसंपर्क किया. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विभिन्न वार्डों में प्रभावशाली वर्गों से संपर्क साधते हुए भाजपा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाया. भाजपा जिलाध्यक्ष ने इसे संगठनात्मक जीत बताते हुए कहा कि हार के कारणों पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा को आत्ममंथन करना चाहिए. चुनावी महीने में सांसद और विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर थी, लेकिन विपक्षी दलों के कार्यकर्ता इसे बचाने में असफल रहे. चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस और झामुमो के किसी भी नेता ने हार पर खुलकर प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है.
कांग्रेस और झामुमो को लगा झटका
इधर, कांग्रेस प्रत्याशी मनोनीत बोदरा के लिए खूंटी से कांग्रेस सांसद कालीचरण मुंडा पसीना बहा रहे थे. वहीं सोनम बागे के लिए खूंटी के झामुमो विधायक रामसूर्य मुंडा और तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने एड़ी चोटी एक कर दी थी. लेकिन नतीजा भाजपा के पक्ष में गया.
शुक्रवार को हुई मतगणना के नतीजों ने साफ कर दिया कि खूंटी शहर में भाजपा ने जबरदस्त वापसी की है. अंतिम परिणामों के अनुसार रानी टूटी को 9177 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मनोनीत बोदरा को 5298 वोट प्राप्त हुए. वहीं झामुमो समर्थित प्रत्याशी सोनम बागे को 2476 वोट पर संतोष करना पड़ा.


