दिसंबर का महीना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विशेष महत्व रखता है. द्रिक पंचांग के अनुसार 16 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे. इस खगोलीय घटना के साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी. जब सूर्य धनु राशि में गोचर करते हैं, तब सूर्य का प्रभाव कम हो जाता है और इस दौरान मांगलिक कार्यों पर भी रोक लग जाती है.
वृषभ राशि वालों के लिए सावधानी
डॉ. उमाशंकर मिश्र का कहना है कि, खरमास के दौरान वृषभ राशि वालों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. इस समय उनके कार्यक्षेत्र में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. नई जिम्मेदारियों के कारण तनाव बढ़ सकता है और सहकर्मियों के साथ बहस होने की संभावना रहती है. किसी नए बिजनेस में पैसे लगाने से बचना चाहिए. रिश्तों में परेशानी आने से दांपत्य जीवन में नोक-झोंक हो सकती है. इसके साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना रह सकता है.
मकर राशि वालों को रखें सतर्क
मकर राशि के जातकों को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा. पेट से जुड़ी समस्याएं इस समय उभर सकती हैं. वाणी पर संयम न रखने पर विवादों में फंसने की संभावना रहती है. मानसिक तनाव और परिवार के साथ मनमुटाव की स्थिति भी बन सकती है. इस दौरान विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है.
मीन राशि वालों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
मीन राशि के जातकों के लिए खरमास बेहद कष्टकारी हो सकता है. खर्चे बढ़ सकते हैं और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में अधिक मेहनत करना पड़ेगी, वरना सफलता हाथ नहीं लगेगी. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में ऑफिस पॉलिटिक्स से सावधान रहना होगा.
खरमास के दौरान सभी राशियों को धैर्य और संयम बनाए रखना चाहिए. इस समय किसी भी मांगलिक कार्य, बड़े निवेश या यात्रा से बचना बेहतर रहता है. वहीं, स्वास्थ्य और परिवार के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. सूर्य का धनु राशि में गोचर जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव डालता है, इसलिए सावधानी और समझदारी से फैसले लेना इस समय विशेष रूप से जरूरी है.


