पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर बिहार में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटना में विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की गई और राहुल गांधी का पोस्टर भी जलाया गया। बीजेपी नेताओं ने खड़गे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
संजय सरावगी ने क्या कहा?
पटना में प्रदर्शन के दौरान संजय सरावगी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
सरावगी ने मांग की कि खड़गे पूरे देश के सामने अपनी गलती स्वीकार करें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खड़गे को कान पकड़कर उठक-बैठक करते हुए माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, यह विरोध केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी विभिन्न राज्यों में भी इस मुद्दे को उठा रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और अपने विरोध का इजहार किया।
गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने भी खड़गे के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
गिरिराज सिंह ने कहा कि जब तक खड़गे माफी नहीं मांगते और इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देने की मांग की।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
रामकृपाल यादव ने भाषा की मर्यादा का मुद्दा उठाया
मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने नेताओं से सार्वजनिक मंचों पर संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की अपील की।
उनके मुताबिक, राजनीतिक बहस में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से बचना चाहिए।
क्या है मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान का मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान एक कार्यकर्ता ने कथित तौर पर कहा कि मोदी सरकार तब तक नहीं हटेगी, जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।”
बीजेपी ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। पार्टी नेताओं की मांग है कि खड़गे इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
हालांकि, बयान के संदर्भ और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग समझना जरूरी है। कांग्रेस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण की पुष्टि होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
पटना के कोतवाली थाने में शिकायत का दावा
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खड़गे के बयान को लेकर पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल शिकायत और उस पर पुलिस की कार्रवाई की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप सिद्ध हो गए हैं।
बिहार में फिर तेज हुई बीजेपी-कांग्रेस की जुबानी जंग
प्रधानमंत्री मोदी को लेकर खड़गे की टिप्पणी के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी इस मामले को लेकर माफी की मांग पर जोर दे रही है, जबकि विवाद पर आगे की राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।
पटना में हुए प्रदर्शन ने बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और शिकायत पर पुलिस के रुख से मामले की अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है।
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