Friday, November 6, 2026

कॉमनवेल्थ कबड्डी में गोल्ड जीतकर बेगूसराय लौटीं रिया कुमारी, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत

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Begusarai News, 6 November 2026: कॉमनवेल्थ कबड्डी प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली बेगूसराय की बेटी रिया कुमारी का अपने गृह जिले लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। बीहट नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 29 स्थित जागीर टोला में रतन चौक की रहने वाली रिया के स्वागत में लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाए और फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।

14 सदस्यीय भारतीय महिला कबड्डी टीम में रिया बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र खिलाड़ी थीं। टीम की जीत में उनके मजबूत रक्षात्मक खेल की अहम भूमिका रही।

किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं रिया

रिया कुमारी किसान सिकंदर सिंह और गृहिणी वैजयंती देवी की बेटी हैं। सामान्य ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ीं रिया ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।

उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ बेगूसराय और बिहार में भी खुशी का माहौल है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की उन प्रतिभाशाली लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं।

2015 में शुरू किया था कबड्डी का सफर

रिया ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में कबड्डी खेलना शुरू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें सामाजिक सोच और लोगों की टिप्पणियों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण परिवेश में लड़कियों का खेल के मैदान में उतरना उस समय सभी को सहज स्वीकार नहीं था।

हालांकि, रिया ने इन मुश्किलों के बावजूद अभ्यास जारी रखा। उन्होंने लोगों की बातों को अपनी राह की बाधा बनाने के बजाय खेल में बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान दिया।

बीहट के मैदान में सीखा कबड्डी का हुनर

रिया ने गर्ल्स स्कूल बीहट के मैदान में सीनियर महिला खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर खेल की बारीकियां सीखीं। लगातार अभ्यास, अनुशासन और अपनी कमियों को सुधारने की कोशिश ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।

स्थानीय स्तर से शुरुआत करने के बाद उन्होंने जूनियर, सब-जूनियर और सीनियर स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय महिला टीम तक पहुंचने का अवसर मिला।

पांच राष्ट्रीय कैंपों में ले चुकी हैं हिस्सा

रिया एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए आयोजित पांच कैंपों में हिस्सा ले चुकी हैं। इन प्रशिक्षण शिविरों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के अनुभव ने उनके खेल को निखारने में मदद की।

कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व करना और स्वर्ण पदक जीतना उनके खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

गुरुजनों और खेल संगठनों का जताया आभार

रिया ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद के साथ-साथ खेल जगत से जुड़े मार्गदर्शकों और सहयोगियों को दिया। उन्होंने स्पोर्टिंग क्लब बीहट के चेयरमैन श्याम नंदन सिंह पन्नालाल, बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन कुमार विजय और अन्य पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया।

उनका कहना है कि खिलाड़ी को आगे बढ़ने के लिए मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन भी जरूरी है।

रिया ने बीहट को बताया कबड्डी की नर्सरी

रिया ने बीहट को कबड्डी की नर्सरी बताते हुए कहा कि यहां की कई लड़कियां इस खेल के माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल कर चुकी हैं। उनके मुताबिक, क्षेत्र में लड़कियों की कबड्डी के प्रति बढ़ती रुचि यह दिखाती है कि ग्रामीण प्रतिभाओं को सही अवसर और मंच मिले तो वे आगे बढ़ सकती हैं।

एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना अगला लक्ष्य

कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद रिया का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा बनना और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। इसके लिए वह अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने और आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटी हैं।

रिया ने लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपनी रुचि के क्षेत्र को पहचानकर पूरी लगन और ईमानदारी से मेहनत करनी चाहिए। शुरुआती कठिनाइयों और लोगों की बातों से घबराकर लक्ष्य नहीं छोड़ना चाहिए।

गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंची रिया कुमारी की उपलब्धि ने बेगूसराय को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा को अवसर, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो वह बड़े मंच तक पहुंच सकती है।

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