Monday, March 23, 2026

कैसे तैयार होता है फ्रोजन फूड? एक्सपर्ट से जानिए की फ्रोजन फूड सेहत के लिहाज से सुरक्षित हैं या नहीं.

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 सर्दियों के समय में जब शिमला में बर्फबारी के कारण रोड बंद हो जाते है तो मंडियों में ताजा हरी सब्जियों की सप्लाई भी कम या रुक जाती है, ऐसे में संजौली इलाके में रहने वाली मीरा जो पेशे से टीचर हैं, अपने फ्रीजर में रखे फ्रोजन मटर और मिक्स वेजीज का सहारा लेती हैं. ये कहानी लगभग सभी घर की होगी, लेकिन उनके मन में हमेशा एक सवाल रहता है, “क्या फ्रोजन मटर उतने ही पौष्टिक (nutritious) हैं जितने खेत से आए ताजा मटर? क्या मेरे बच्चों की सेहत के लिए यह सुरक्षित हैं?” यह चिंता सिर्फ मीरा की नहीं, बल्कि आज हर उस परिवार की है जो वक्त की कमी या मौसम की वजह से फ्रोजन फूड पर निर्भर है. आज हम जानेंगे कि क्या सब्जियों के लिए फ्रोजन फूड, ताजा सब्जियों का बेहतर विकल्प है या नहीं.

फ्रोजन फूड कैसे तैयार किया जाता है?

लोग अक्सर सोचते हैं कि फ्रोजन फूड में खतरनाक प्रिजर्वेटिव्स भरे होते हैं, लेकिन इसकी सच्चाई काफी अलग है. फ्रोजन मटर या अन्य सब्जियों को ‘इंडिविजुअल क्विक फ्रीजिंग’ (IQF) टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाता है.

“लोग फ्रोजन फूड को ‘अनहेल्दी प्रोसेस्ड फूड’ समझने की गलती करते हैं. असल में फ्रोजन सब्जियां ताजा सब्जियों से भी बेहतर हो सकती हैं. ताजा सब्जियां खेत से आपकी रसोई तक पहुंचने में 3 से 7 दिन लेती हैं, जिस दौरान उनका विटामिन C और B-कॉम्प्लेक्स कम होने लगता है. वहीं, फ्रोजन सब्जियों को उनके चरम पोषण के समय ही फ्रीज कर दिया जाता है.” – अजय भारद्वाज, न्यूट्रिशनिस्ट, लाइफ इज ब्लिस हॉस्पिटल

न्यूट्रिशनिस्ट अजय भारद्वाज बताते हैं कि कैसे फ्रोजन फूड को तैयार किया जाता है-

  • ब्लांचिंग (Blanching): सब्जियों को तोड़ने के तुरंत बाद कुछ देर के लिए हल्के उबलते पानी या भाप में डाला जाता है. इससे वे एंजाइम्स खत्म हो जाते हैं, जो सब्जी का रंग और स्वाद खराब करते हैं.
  • फ्लैश फ्रीजिंग (Flash Freezing): इसके बाद सब्जियों को बहुत कम तापमान (लगभग -30 C से -40 C) पर तुरंत जमाया जाता है. इससे बर्फ के बड़े क्रिस्टल नहीं बन पाते और सब्जी की कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं.
  • पैकेजिंग: इस प्रक्रिया से सब्जियों का पोषण ‘लॉक’ हो जाता है और उनमें बाहर से कुछ भी मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती.

“वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए फ्रोजन फूड एक वरदान है, लेकिन ‘स्मार्ट सिलेक्शन’ जरूरी है. हमेशा पैकेट के पीछे लेबल चेक करें कि कहीं उसमें ‘एडेड साल्ट’ (नमक) या ‘शुगर’ तो नहीं है. शिमला जैसे ठंडे इलाकों में जहां सर्दियों में वैरायटी कम मिलती है, वहां फ्रोजन ब्रोकली और बेरीज एंटीऑक्सीडेंट्स का एक बेहतरीन जरिया हैं.” – विपाशा, डायटीशियन, केएचएन अस्पताल

ताजा vs फ्रोजन: न्यूट्रिशन वैल्यू का सच

  • विटामिन्स और पोषण
ताजाफ्रोजन
हवा और रोशनी के संपर्क में रहने के कारण 3-4 दिनों में इनके विटामिन्स कम होने लगते हैं.इन्हें काटते ही तुरंत जमा दिया जाता है, जिससे इनका पोषण पैकिंग के अंदर ही सुरक्षित रहता है.
इनमें प्रिजर्वेटिव्स नहीं होते, लेकिन खेतों में इस्तेमाल होने वाले पेस्टिसाइड (कीटनाशक) का असर हो सकता है.इसमें किसी केमिकल की जरूरत नहीं होती, बहुत कम तापमान (ठंड) ही इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने का काम करता है.
  • स्वाद और बनावट
ताजाफ्रोजन
ये खाने में क्रिस्पी (कुरकुरी) और स्वाद में पूरी तरह नेचुरल होती हैं.ब्लांचिंग (हल्का उबालने) की प्रक्रिया के कारण ये ताजा के मुकाबले थोड़ी नरम हो सकती हैं.
  • इस्तेमाल में सुविधा
ताजाफ्रोजन
इन्हें पकाने से पहले धोने, छीलने और काटने में काफी समय और मेहनत लगती है.ये पहले से ही कटी-छंटी होती हैं, इसलिए इन्हें सीधे पैकेट से निकालकर पकाया जा सकता है

कौन सी फ्रोजन चीजें कितनी सुरक्षित?

  • हरे मटर (Green Peas): इनमें फाइबर और प्रोटीन बरकरार रहता है. यह फ्रोजन श्रेणी में सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय हैं.
  • मक्का (Corn): फ्रोजन कॉर्न में मिठास और फोलेट की मात्रा बनी रहती है.
  • मिक्स वेजीज (Mixed Veggies): गाजर, बीन्स और मटर का मिश्रण सूप और पुलाव के लिए बेहतरीन है.
  • ब्रोकली और बीन्स: फ्रीज होने पर भी इनका कैल्शियम और आयरन कंटेंट कम नहीं होता है.
  • फ्रोजन बेरीज और आम के टुकड़े: ऑफ-सहन में शेक और स्मूदी के लिए ये बेस्ट हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ताजा के बराबर ही होती है.

स्टोरेज और सुरक्षा: फ्रिज का तापमान कितना हो?

फ्रोजन फूड की सुरक्षा पूरी तरह से आपके फ्रीजर पर निर्भर करती है.

  • तापमान: फ्रीजर का तापमान हमेशा -18C या उससे कम होना चाहिए. अगर तापमान बार-बार बदलता है, तो खाना खराब हो सकता है.
  • स्टोरेज टाइम: सब्जियां 8 से 12 महीने तक, फल 6 से 10 महीने तक, नॉन-वेज 3 से 4 महीने तक.

सुरक्षित उपयोग के लिए जरूरी टिप्स

  • थॉइंग (Thawing) से बचें: फ्रोजन सब्जियों को कभी भी बाहर धूप में या किचन काउंटर पर घंटों खुला न छोड़ें. इन्हें सीधे कढ़ाई में डालें या फ्रिज के नीचे वाले हिस्से (Chiller) में रखकर धीरे-धीरे पिघलने दें.
  • री-फ्रीजिंग (Refreezing) न करें: एक बार पैकेट खोलकर सब्जी निकाल ली, तो बची हुई सब्जी तुरंत फ्रीजर में डाल दें. पिघली हुई सब्जी को दोबारा जमाना बैक्टीरिया को दावत देता है.
  • द स्क्वीज टेस्ट (The Squeeze Test): खरीदते वक्त पैकेट को दबाकर देखें. अगर अंदर सब्जियां अलग-अलग दानों की तरह हैं, तो वे सही हैं. अगर वे एक बड़े ‘बर्फ के पत्थर’ की तरह जुड़ी हुई हैं, तो इसका मतलब है कि पैकेट पहले पिघल चुका है और फिर जमाया गया है. ऐसी चीज न खरीदें.

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