Tuesday, June 30, 2026

केंद्र सरकार ने व्यापारियों और टैक्सपेयर्स को एक बड़ी राहत दी है.

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने व्यापारियों और टैक्सपेयर्स को एक बड़ी राहत दी है. सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के सामने अपील दर्ज करने की आखिरी तारीख को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. अब टैक्सपेयर्स 31 जुलाई 2026 तक अपनी अपील दाखिल कर सकते हैं. इससे पहले सरकार ने इसकी अंतिम तारीख 30 जून 2026 तय की थी.

वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस फैसले की घोषणा की है. मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में GSTAT पोर्टल पर अचानक भारी भीड़ बढ़ गई थी. इस वजह से वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं और लोगों को लॉगिन करने व फॉर्म जमा करने में परेशानी हो रही थी.

सिर्फ 15 दिनों में आए 30,000 मामले
आंकड़ों के मुताबिक, आखिरी तारीख नजदीक आते ही पिछले 15 दिनों के भीतर पोर्टल पर लगभग 30,000 अपील फाइल की गईं. एक समय तो ऐसा आया जब हर दिन 5,500 से ज्यादा आवेदन जमा हो रहे थे. इस भारी दबाव के कारण पोर्टल धीमा हो गया. कई टैक्सपेयर्स और जानकारों ने सरकार से समय बढ़ाने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है.

4.80 लाख से ज्यादा मामले हैं पेंडिंग
देश में 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था. तब से लेकर अब तक टैक्सपेयर्स और विभाग के बीच के विवादों को सुलझाने के लिए कोई विशेष कोर्ट नहीं था. लोगों को सीधे हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता था, जिससे मामलों में बहुत देरी होती थी.

पिछले साल सितंबर में सरकार ने विवादों के जल्द निपटारे के लिए GSTAT की शुरुआत की. वर्तमान में लगभग 4.80 लाख से अधिक पुराने मामले लंबित हैं, जिन्हें अब इस न्यायाधिकरण के जरिए सुलझाया जाएगा. इसके सुचारू संचालन के लिए देश में 31 स्टेट बेंच और दिल्ली में एक मुख्य बेंच बनाई गई है. मई 2024 में रिटायर्ड जस्टिस संजय कुमार मिश्रा को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

एक्सपर्ट्स की सलाह, आखिरी दिन का इंतजार न करें
टैक्स विशेषज्ञों और वित्त मंत्रालय ने साफ कहा है कि टैक्सपेयर्स को इस बढ़े हुए समय का पूरा फायदा उठाना चाहिए. केपीएमजी और एएमआरजी ग्लोबल जैसे बड़े टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सरकार का एक बहुत अच्छा कदम है. इससे किसी भी सही टैक्सपेयर का अपील करने का अधिकार नहीं छूटेगा. हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि लोग फिर से 31 जुलाई का इंतजार न करें. आखरी दिनों में दोबारा पोर्टल क्रैश होने का खतरा बना रहेगा, इसलिए अपनी कागजी कार्रवाई समय से पहले ही पूरी कर लें.

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