केंद्र सरकार जल्द ही देश भर में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करेगी. एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ह्यूमन पेपिलोमावायरस वैक्सीन की शुरुआत से महिलाओं का स्वास्थ्य मजबूत होगा और रोके जा सकने वाले कैंसर खत्म होंगे. इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाना है.
सर्वाइकल कैंसर: स्वास्थ्य चुनौती
सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) भारत में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है, जहां हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं और 42,000 से अधिक मौतें दर्ज की जाती हैं. वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के उच्च-जोखिम वाले प्रकारों, विशेष रूप से HPV टाइप 16 और 18 के लगातार संक्रमण के कारण होते हैं.
भारत में सर्वाइकल कैंसर के 80 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए यही दो प्रकार जिम्मेदार हैं. अधिकारी की मानें तो टीकाकरण और शुरुआती जांच के माध्यम से काफी हद तक रोकथाम योग्य होने के बावजूद, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं और परिवारों पर भारी बोझ डाल रहा है. HPV टीकाकरण कार्यक्रम कैंसर में बदलने से पहले ही HPV संक्रमण को रोककर सीधे इस चुनौती का समाधान करेगा.
HPV टीकाकरण: सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी
HPV टीके दुनिया भर में सबसे व्यापक रूप से अध्ययन किए गए टीकों में से हैं. ये वैक्सीन-कवर किए गए HPV प्रकारों के कारण होने वाले सर्वाइकल कैंसर को रोकने में 93-100 प्रतिशत तक प्रभावी हैं. विशेषज्ञ की मानें तो यह एक ‘नॉन-लाइव’ (गैर-जीवित) वैक्सीन है, इससे HPV संक्रमण नहीं होता है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन है. 2006 में इसकी शुरुआत के बाद से दुनिया भर में इसकी 50 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं, जो इसकी सुरक्षा की पुष्टि करती हैं.
विभागीय सूत्रों के अनुसार, “भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रम में ‘गार्डासिल’ का उपयोग किया जाएगा. यह एक ‘क्वाड्रीवैलेंट’ HPV वैक्सीन है जो कैंसर पैदा करने वाले HPV टाइप 16 और 18 के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करती है. वैश्विक और भारतीय वैज्ञानिक प्रमाण इस बात की पुष्टि करते हैं कि निर्धारित आयु वर्ग की लड़कियों को दी गई एकल खुराक भी मजबूत और टिकाऊ सुरक्षा प्रदान करती है.”
160 देशों में शामिल हो जाएगा भारत
भारत दुनिया के उन 160 देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने पहले ही अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में HPV वैक्सीन को शामिल कर लिया है. वैश्विक स्तर पर, 90 से अधिक देश सिंगल-डोज HPV टीकाकरण कार्यक्रम लागू कर रहे हैं, जिससे इसकी पहुंच और सामर्थ्य में सुधार हुआ है. कई देशों ने व्यापक टीकाकरण के बाद HPV संक्रमण, कैंसर-पूर्व लक्षणों और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भारी कमी दर्ज की है.
आजीवन सुरक्षा के लिए सही उम्र का लक्ष्य
अधिकारी के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की लड़कियों को लक्ष्य बनाया जाएगा. यह वह उम्र है जब HPV टीका वायरस के संभावित संपर्क में आने से बहुत पहले, अधिकतम सुरक्षा और लाभ प्रदान करता है. राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत यह टीकाकरण स्वैच्छिक और निःशुल्क होगा, जिससे सभी सामाजिक-आर्थिक वर्गों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित हो सके.
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण
राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत HPV टीकाकरण विशेष रूप से निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर ही किया जाएगा. इसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उप-जिला और जिला अस्पताल, और सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल होंगे.
प्रत्येक टीकाकरण सत्र प्रशिक्षित मेडिकल अफसरों की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा, जिन्हें कुशल स्वास्थ्य टीमों का सहयोग प्राप्त होगा. ये केंद्र टीकाकरण के बाद निगरानी और किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल घटना (साइड इफेक्ट) के प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार होंगे. सभी टीकाकरण केंद्रों को 24×7 चालू रहने वाली सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके.
भरोसेमंद और पारदर्शी वैक्सीन खरीद
टीकों की निरंतर उपलब्धता और गुणवत्ता से समझौता न करने के लिए, भारत सरकार ने एक पारदर्शी और वैश्विक स्तर पर समर्थित खरीद प्रक्रिया के माध्यम से HPV वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित की है. ‘गावी’ (Gavi, द वैक्सीन एलायंस) के साथ भारत की साझेदारी के तहत, उच्च गुणवत्ता वाली गार्डासिल वैक्सीन- जो भारत के औषधि नियामक द्वारा अनुमोदित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से उपयोग की जाती है- राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराई गई है.
यह खरीद प्रक्रिया गुणवत्ता और कोल्ड-चेन (टीकों को ठंडा रखने की व्यवस्था) के सख्त मानकों का पालन करती है, जिससे सरकार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पात्र लड़कियों को यह टीका पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध करा सकेगी.
प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारना
देशव्यापी HPV टीकाकरण का यह आगामी शुभारंभ सरकार के परिणाम-उन्मुख शासन को दर्शाता है, जहां वैज्ञानिक साक्ष्य, नीतिगत निर्णय और कार्यान्वयन की तैयारी एक साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव डालने के लिए तैयार हैं. यह पहल राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर तैयारियों, सुरक्षा और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किए गए समन्वित प्रयासों का प्रतिबिंब है.
माता-पिता और अभिभावकों से अपील
सरकार ने देशभर के माता-पिता और अभिभावकों से आग्रह किया है कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद वे आगे आएं और अपनी 14 वर्षीय बेटियों का HPV टीकाकरण सुनिश्चित करें. अधिकारी ने कहा, “HPV टीकाकरण एक शक्तिशाली और निवारक कदम है जो जीवन बचा सकता है. टीकाकरण का चुनाव करके, माता-पिता अपनी बेटियों के लिए एक स्वस्थ और कैंसर मुक्त भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं.”


