पूर्णिया में दुष्कर्म पीड़िता की मां की शिकायत पर कार्रवाई न करने पर दो थाना अध्यक्ष निलंबित किए गए। एसपी स्वीटी सहरावत ने जांच कराई जिसमें महिला थाना अध्यक्ष और कसबा थाना अध्यक्ष की लापरवाही पाई गई। कसबा थाना क्षेत्र की महिला की शिकायत थी कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
पूर्णिया। जब जिले के दो थाना अध्यक्षों ने दुष्कर्म पीड़िता की मां की न्याय की गुहार नहीं सुनी तो दोनों पर कार्रवाई की गई। पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत ने मामले की अपर पुलिस अधीक्षक एवं सदर डीएसपी टू से जांच कराई।
जांच में महिला थाना अध्यक्ष एवं कसबा थाना अध्यक्ष द्वारा लापरवाही बरते जाने की बात पाए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई की। कसबा थाना अध्यक्ष अजय कुमार अजनबी, महिला थाना अध्यक्ष सुधा कुमारी, महिला थाना के पुलिस अवर निरीक्षक बबन कुमार सिन्हा एवं सहायक अवर निरीक्षक रीना कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है
मामला पांच जुलाई का है। इसमें कसबा थाना क्षेत्र की 35 वर्षीय महिला शिकायत लेकर महिला थाना पूर्णिया पहुंची। उसकी शिकायत थी की उसकी 15 वर्षीया पुत्री सदर थाना क्षेत्र में गई थी। पांच जुलाई वह शौच के लिए घर से निकली, उसी समय सुरेन उरांव ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
फिर जान से मारने का प्रयास किया। वहां कसबा थाना क्षेत्र का मामला बताते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। कसबा थाना जाने पर उसे सदर थाना भेज दिया गया। छह जुलाई को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस की यह कार्यशैली सामने आने पर एसपी ने मामले की जांच कराई।
जांच में पता चला कि पांच जुलाई को महिला थाने के कमरे के बाहर लगे टेबल चेयर पर पुलिस अवर निरीक्षक बबन कुमारी सिन्हा और सहायक अवर निरीक्षक रीना कुमारी बैठी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में इन दोनों पदाधिकारियों के पास वादनी, पीड़िता एवं अन्य एक महिला खड़ी होकर बात करती हुई दिख रही है।
दो मिनट बाद बबन कुमारी सिन्हा वहां से उठकर चली गई। महिला थाने के आगंतुक पंजी में इसका जिक्र नहीं मिला। उस दिन प्रभार में महिला थाना अध्यक्ष सुधा कुमारी स्वयं थी। जांच में कसबा थानाध्यक्ष की अनियमितता भी सामने आई।


