Saturday, March 14, 2026

कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 तक रखा जाए.

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कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 तक रखा जाए. उनका कहना है कि इससे जूनियर और सीनियर कर्मचारियों के बीच सैलरी का फर्क कम होगा और सभी को अच्छी बढ़ोतरी मिलेगी.

 केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर खूब चर्चा हो रही है. सरकार ने कर्मचारियों और दूसरे हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार सैलरी में 7वें वेतन आयोग से ज्यादा बढ़ोतरी होगी या नहीं.

कर्मचारी यूनियनें तो ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह काफी हद तक महंगाई भत्ता (DA) पर निर्भर करेगा. यानी जब नया वेतन लागू होगा, उस समय DA कितना होगा, यह बहुत अहम रहेगा.

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है ?

फिटमेंट फैक्टर को आसान भाषा में समझें तो यह एक गुणा करने वाला नंबर होता है. इसी नंबर से मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है. उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. उस समय न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये थी, जो बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी. अब 8वें वेतन आयोग में यही सबसे बड़ा सवाल है कि नया फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाएगा.

DA का सैलरी से क्या संबंध है ?

जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो उससे पहले तक मिला हुआ महंगाई भत्ता (DA) बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाता है. इसके बाद उसी आधार पर नई सैलरी तय की जाती है. मान लीजिए उस समय DA करीब 60% है, तो वही आगे सैलरी बढ़ाने का आधार बन जाता है. इसलिए DA का स्तर जितना ज्यादा होगा, उतनी ही सैलरी बढ़ाने की गुंजाइश भी ज्यादा होती है.

इस बार ज्यादा बढ़ोतरी क्यों मुश्किल लग रही है ?

जब 6वें वेतन आयोग से 7वां वेतन आयोग लागू हुआ था, तब DA करीब 125% तक पहुंच चुका था. इसलिए उस समय सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी करना आसान था. लेकिन अभी 7वें वेतन आयोग के तहत DA करीब 58% है. आने वाले समय में यह बढ़कर करीब 68–70% तक पहुंच सकता है. इसलिए जानकारों का मानना है कि इस बार बहुत बड़ा फिटमेंट फैक्टर मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

कर्मचारी क्या मांग कर रहे हैं ?

कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 तक रखा जाए. उनका कहना है कि इससे जूनियर और सीनियर कर्मचारियों के बीच सैलरी का फर्क कम होगा और सभी को अच्छी बढ़ोतरी मिलेगी.

8वां वेतन आयोग कब लागू होगा ?

सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी. आमतौर पर वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और उसे लागू होने में डेढ़ से दो साल का समय लग जाता है. ऐसे में उम्मीद है कि 2026 के आसपास इस पर अंतिम फैसला आ सकता है. फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार भी उनकी सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, लेकिन असली आंकड़ा आयोग की सिफारिशों के बाद ही साफ होगा.

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