Friday, June 19, 2026

कनाडा के संस्कृति मंत्री मार्क मिलर ने C-34 बिल पेश किया है, जिसका मकसद ऑनलाइन नुकसान से निपटने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करना है.

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ओटावा: कनाडा ने एक डिजिटल सेफ्टी बिल पेश किया है, जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच पर रोक लगाएगा, साथ ही कंपनियों को छूट लेने की इजाज़त देगा, अगर वे युवा यूज़र्स के लिए सही सुरक्षा उपाय दिखा सकें.

कनाडा के पहचान और संस्कृति मंत्री मार्क मिलर ने बुधवार को बिल C-34 पेश किया, जो ऑनलाइन नुकसान से निपटने के लिए एक कानूनी ढांचा बनाने की कनाडाई सरकार की नई कोशिश है.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रस्तावित कानून ChatGPT जैसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट सेवाओं को रेगुलेट करेगा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए सुरक्षा से जुड़ी नई शर्तें लागू करेगा.

बयान में कहा गया है कि कनाडा में नुकसान होने के बाद कार्रवाई करने के लिए तो कानून मौजूद हैं, लेकिन अभी ऐसा कोई कानून नहीं है, जो ऑनलाइन सेवाओं को नुकसान होने से पहले ही उसे रोकने के लिए मजबूर करे.

इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित ‘सेफ सोशल मीडिया एक्ट’ का मकसद इस स्थिति को बदलना है. इसके तहत यह पक्का किया जाएगा कि सोशल मीडिया सेवाएं और AI चैटबॉट प्रोवाइडर नुकसान होने से पहले ही उसे रोकने के लिए ज़िम्मेदार हों.

इस कदम से कनाडा उन देशों में शामिल हो गया है, जो बच्चों के लिए ऑनलाइन सुरक्षा को मज़बूत करना चाहते हैं. इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया अकेला ऐसा देश था, जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर रोक लगाने वाला देशव्यापी कानून बनाया था

वहीं UK, फ्रांस, ग्रीस, स्पेन और मलेशिया जैसे देशों ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ऐसे ही उपायों पर विचार किया है, उन्हें प्रस्तावित किया है या बनाया है. अगर यह कानून पास हो जाता है, तो वेबसाइट्स की यह ज़िम्मेदारी होगी कि वे बच्चों को नुकसानदेह कंटेंट से बचाएं.

इसमें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए होने वाली साइबर-बुलिंग या उत्पीड़न भी शामिल है. आधिकारिक बयान के अनुसार, इससे सोशल मीडिया और AI चैटबॉट सेवाओं के लिए सुरक्षा से जुड़े नए नियम लागू करके उन्हें ज़्यादा जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाएगा.

इसमें उम्र की एक सीमा तय की जाएगी, जिससे 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया सर्विस पर अकाउंट नहीं बना पाएंगे. हालांकि, अगर कंपनियां यह साबित कर सकें कि उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय किए हैं, तो उन्हें छूट पाने का रास्ता भी दिया जाएगा.

कनाडा सरकार के बयान के मुताबिक, इन नए नियमों के तहत बच्चों की सुरक्षा को प्रोडक्ट डिज़ाइन में सबसे अहम माना जाएगा. इसमें ऐसे उपाय भी शामिल होंगे, जिनसे युवा यूज़र्स का कुछ खास तरह के कंटेंट और ज़्यादा जोखिम वाले इंटरैक्शन से सामना कम हो सके.

लोकल मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के ब्रीफिंग डॉक्यूमेंट्स में कहा गया है कि यह बिल नए नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ‘डिजिटल सेफ्टी कमीशन ऑफ़ कनाडा’ बनाएगा.

जो कंपनियां इस कानून का उल्लंघन करती पाई जाएंगी, उन पर 10 मिलियन कनाडाई डॉलर (CAD) या उनके ग्लोबल रेवेन्यू का तीन प्रतिशत – इनमें से जो भी ज़्यादा हो – जुर्माना लगाया जा सकता है.

यह कानून कनाडा में ऑनलाइन नुकसान को रेगुलेट करने के तरीकों पर सालों तक चली बहस के बाद लाया जा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2021 के चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे कानून का वादा किया था और 2024 में एक बिल पेश किया गया था. हालांकि, वह कानून 2025 के चुनाव से पहले संसद में पास नहीं हो सका.

कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के अनुसार, इस बिल का विरोध भी हुआ, जिसमें कंज़र्वेटिव पार्टी भी शामिल थी. उनका तर्क था कि इसके क्रिमिनल कोड के कुछ प्रावधानों का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर बुरा असर पड़ सकता है.

मिलर ने बुधवार को कहा कि इस कानून के पिछले वर्जन ज़रूरत से ज़्यादा कड़े थे. उन्होंने आगे कहा कि, “मेरे विचार से, (पिछले कानून में) आपराधिक परिणाम शामिल करने को लेकर जायज़ आलोचनाएं थीं.”

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