Monday, August 10, 2026

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई बाजार की चिंता, सेंसेक्स-निफ्टी कमजोर शुरुआत के बाद और फिसले.

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मुंबई: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में पहुंच गए। शुरुआती कमजोरी बाद में और बढ़ गई।

कारोबार शुरू होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स करीब 19 अंक की गिरावट के साथ 78,479.79 के स्तर पर था। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी करीब 5 अंक टूटकर 24,567.45 पर कारोबार कर रहा था। कुछ समय बाद सेंसेक्स की गिरावट बढ़कर 158 अंक से अधिक हो गई और यह 78,340.55 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी करीब 45 अंक नीचे जाकर 24,524.95 पर कारोबार करता नजर आया।

इन प्रमुख शेयरों पर रहा दबाव

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटरनल, एसबीआई, इंडिगो, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और भारती एयरटेल के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

हालांकि, बाजार की समग्र दिशा कमजोर रहने के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी जारी रही। टाइटन, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।

क्यों बढ़ी कच्चे तेल की कीमत?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 1.03 प्रतिशत बढ़कर 84.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही ईंधन लागत बढ़ने से कई कंपनियों के खर्च में भी इजाफा हो सकता है। यही वजह है कि कच्चे तेल की तेजी को शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

बेहतर तिमाही नतीजों से बाजार को मिला सहारा

बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ घरेलू संकेत निवेशकों के लिए राहत देने वाले हैं। कंपनियों के वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे कई मामलों में उम्मीद से बेहतर रहे हैं। इससे बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी को समर्थन मिल रहा है।

इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से भी हाल में खरीदारी देखने को मिली है। पिछले शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 480.24 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी।

दूसरे एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती

भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत के विपरीत सोमवार को कई प्रमुख एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए।

इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। ऐसे में घरेलू बाजार में निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और आगे आने वाले कॉरपोरेट नतीजों पर बनी हुई है।

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