Monday, March 16, 2026

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने घोषणा की है कि औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत उद्यमियों के लंबित अनुदान का भुगतान इसी वर्ष मार्च तक कर दिया जाएगा।

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उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने घोषणा की है कि औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत उद्यमियों के लंबित अनुदान का भुगतान इसी वर्ष मार्च तक कर दिया जाएगा। बिहार आकस्मिकता निधि से 1700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत हुई है। पहले अपर्याप्त फंड के कारण भुगतान रुका था, जिससे उद्यमियों में असंतोष था और निवेश का माहौल प्रभावित हो रहा था। अब सभी श्रेणियों के उद्यमियों को एक साथ भुगतान किया जाएगा।

पटना। औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत उद्यमियों को मिलने वाले अनुदान की लंबित राशि का भुगतान इसी वर्ष मार्च तक कर दिया जाएगा।

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि उद्यमियो के लंबित अनुदान का भुगतान एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर किए जाने का निर्णय लिया गया है। उद्यमियों को उद्योग विभाग का चक्कर नहीं लगाना है अनुदान के भुगतान के लिए।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान भुगतान के लिए 1700 करोड़ रुपए के अतिरिक्त उपबंध को बिहार आकस्मिकता निधि से प्राप्त किए जाने की अनुमति हाल ही में राज्य कैबिनेट से मिली है।

फंड की कमी से अटकी थी पेमेंट

उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उद्यमियों को उनके निवेश पर अनुदान दिए जाने को ले वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान के लिए मात्र 500 करोड़ रुपए की मूल राशि थी। प्रथम अनुपूरक में 1046.73 करोड़ रुपए का प्रस्ताव था, पर मात्र 50 करोड़ रुपए अतिरिक्त की व्यवस्था हो पायी।

द्वितीय अनुपूरक में इस योजना के लिए 2015 करोड़ रुपए का प्रस्ताव उद्योग विभाग ने भेजा था, लेकिन केवल 200 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए। इस तरह से केवल 750 करोड़ रुपए ही उद्योग विभाग को अनुदान शीर्ष के तहत उपलब्ध थे।

उद्यमियों में पनपा असंतोष 

पर्याप्त राशि के अभाव में उद्यमियों द्वारा अनुदान की राशि का जो दावा किया जा रहा था, वह उन्हें नहीं मिल पा रहा था। इस कारण उद्यमियों में असंतोष का भाव था और निवेश का वातावरण भी प्रभावित हो रहा था।

इस तरह की समस्या के बीच उद्योग विभाग ने 1700 करोड़ रुपए की अतिरिक्त व्यवस्था का एक प्रस्ताव योजना एवं विकास विभाग को भेजा था।

इस राशि की व्यवस्था बिहार आकस्मिकता निधि (बीसीएफ) से प्राप्त करने की स्वीकृति के बाद अनुदान भुगतान का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

जिन उद्यमियों को औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत अनुदान का भुगतान होना है उनमें सभी श्रेणी के उद्यमी हैं। इनमें अधिकतर ने काफी पहले से अनुदान के लिए आवेदन किया हुआ है।

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