पेयजल स्वच्छता विभाग ने दो कार्यपालक अभियंताओं प्रदीप सिंह और धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। गढ़वा जिले में स्वच्छता कार्य के लिए ई-रिक्शा खरीद में अनियमितता का आरोप लगा है। विभाग की प्रारंभिक जांच के बाद यह कार्रवाई हुई। इससे पहले विधानसभा के बजट सत्र में विभाग में गड़बड़ियों का मामला उठाया गया था।
रांची। पेयजल स्वच्छता विभाग ने अपने दो कार्यपालक अभियंताओं को निलंबित किया है। गढ़वा जिले में स्वच्छता कार्य के लिए ई रिक्शा की खरीद में ज्यादा राशि खर्च करने के मामले में यह कार्रवाई हुई है।
विभाग ने कार्यपालक अभियंता प्रदीप सिंह और धर्मेंद्र कुमार को निलंबित किया है। पेयजल स्वच्छता ग्रामीण कार्य प्रमंडल के दोनों अभियंताओं पर खरीद में अनियमितता का आरोप लगा है।
विभाग की प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को निलंबित किए जाने की सूचना है। विधानसभा के बजट सत्र में पेयजल स्वच्छता विभाग में कई तरह की गड़बड़ियों का मामला उठाया गया था।
रिश्वत के आरोपी अवर निरीक्षक निलंबन मुक्त, बनाए गए हंटरगंज थाना प्रभारी
उधर, रिश्वत के आरोप में चार महीना पूर्व निलंबित किए गए अवर निरीक्षक प्रभात कुमार को निलंबन मुक्त कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार पांडेय ने उन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए मंगलवार को हंटरगंज का नया थाना प्रभारी बनाया है।
पुलिस अधीक्षक के आदेश के आलोक में नव पदस्थापित थाना प्रभारी प्रभात कुमार वहां पर योगदान दे दिए हैं। प्रभात कुमार पर हंटरगंज की प्रमुख ममता कुमारी ने सनहा दर्ज करने के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाई थीं।
रिश्वत के इस प्रकरण में थाने का सहायक अवर निरीक्षक अभय कुमार का भी नाम शामिल था। दरअसल जेारी-मोरैनवा मोड़ के समीप एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
इन्श्योरेंस कवर के लिए वाहन मालिक ने थाने में सनहा दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। सहायक अवर निरीक्षक अभय कुमार ने वाहन मालिक से इसके एवज में तीस हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
वाहन मालिक राजू यादव ने इसकी जानकारी प्रमुख ममता देवी एवं उनके पति कमलेश यादव को दी। बाद में इसकी लिखित शिकायत एसपी से की थी। एसपी ने जांच का आदेश दिया। जांच में मामला सही पाया गया।
उसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पांच जनवरी 2025 को थाना प्रभारी प्रभात कुमार व सहायक अवर निरीक्षक अभय कुमार को निलंबित कर दिया गया।
इस प्रकार चार महीने के भीतर ही अवर निरीक्षक प्रभात कुमार निलंबन मुक्त होते हुए थाना प्रभारी के रूप में पदस्थापित कर दिए गए।


