Sunday, March 22, 2026

इस सप्ताह सोना ₹1.61 लाख और चांदी ₹2.70 लाख के स्तर को छू सकते हैं.

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अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई आर्थिक नीतियों ने कीमती धातुओं की कीमतों में आग लगा दी है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिल सकती है.

ट्रंप के ‘टैरिफ वार’ से बाजार में हड़कंप
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वैश्विक आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाने के फैसले ने पूरी दुनिया के व्यापारिक समीकरण बदल दिए हैं. इसके अलावा, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता पैदा कर दी है. जब भी बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर ‘सुरक्षित निवेश’ यानी सोने और चांदी की ओर भागते हैं. यही कारण है कि बुलियन मार्केट में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है.

सोना ₹1.61 लाख के करीब, चांदी में 6% का उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.5 लाख से ₹1.6 लाख के दायरे में घूम रही हैं. हालांकि, एंजेल वन के विश्लेषक प्रथमेश माल्या का अनुमान है कि इस सप्ताह सोना ₹1,61,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है. वहीं, चांदी ने पिछले हफ्ते ही 3.5% की बढ़त दर्ज की थी और ताजा कारोबार में यह ₹2,67,673 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.

इन 4 बड़े कारणों से बढ़ रही हैं कीमतें

  • भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है.
  • चीन का फैसला: निवेशकों की नजर चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले पर टिकी है.
  • अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और बेरोजगारी के आंकड़े सोने की दिशा तय करेंगे.
  • ब्याज दरों में कटौती: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद ने सोने की चमक और बढ़ा दी है.

क्या करें निवेशक?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, कीमतों में नरमी की उम्मीद कम है. चॉइस ब्रोकिंग के अनुसार, मौजूदा हालात सोने और चांदी के लिए ‘तेजी का माहौल’ बना रहे हैं. मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट पर खरीदारी करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है.

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