मुंबई: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव के साथ हुई, लेकिन जल्द ही बाजार ने बढ़त बना ली. इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के संघर्ष विराम की घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ा दिया है.
बाजार का ताजा हाल
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर ट्रेड करते नजर आए. सेंसेक्स करीब 142 अंक (0.18%) की बढ़त के साथ 78,130 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 28 अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए 24,224 का स्तर छुआ. हालांकि, बाजार की ओपनिंग सपाट रही थी, जहां सेंसेक्स 12 अंक गिरकर खुला था.
बाजार में तेजी के मुख्य कारण
संघर्ष विराम का असर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा से मध्य-पूर्व में तनाव कम हुआ है. इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता घटी है.
कच्चे तेल में राहत: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.4% गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये को मजबूती मिली है.
FII की खरीदारी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार दूसरे दिन खरीदारी जारी रखी, जिससे बाजार को सहारा मिला.
छोटे और मंझोले शेयरों में जोश
मुख्य सूचकांकों के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट (स्मॉलकैप और माइक्रो-कैप) में अधिक तेजी देखी गई. निफ्टी माइक्रो-कैप 250 और स्मॉलकैप 250 इंडेक्स करीब 1-1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. सेक्टर के लिहाज से देखें तो एफएमसीजी (FMCG), रियलटी और एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी जा रही है.
इन शेयरों में रही हलचल
बाजार में जहां आईटीसी (ITC) और एनटीपीसी (NTPC) जैसे शेयरों में बढ़त दिखी, वहीं विप्रो (Wipro) और एचडीएफसी लाइफ (HDFC Life) जैसे शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. विप्रो में करीब 2.5% की गिरावट दर्ज की गई.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को अभी भी सावधानी बरतनी चाहिए. विश्लेषकों के अनुसार, जब तक निफ्टी 24,500 के स्तर को पार कर वहां टिक नहीं जाता, तब तक नई बड़ी पोजीशन बनाने से बचना चाहिए. वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए “वेट एंड वॉच” की रणनीति बेहतर हो सकती है.


