इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के पूर्व अध्यक्ष टी.पी. अग्रवाल का डॉन 3 विवाद को लेकर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के द्वारा किए गए एक्शन पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने ‘असहयोग’ का निर्देश जारी करने के लिए फेडरेशन (FWICE) की आलोचना की है, और इस कदम को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया है. उन्होंने इस फैसले की इसलिए निंदा की, क्योंकि फेडरेशन ने भारत में फिल्म मेकर्स के अन्य संगठनों से सलाह लिए बिना ही यह कार्रवाई की.
यह दिक्कत पिछले महीने तब शुरू हुई, जब फेडरेशन ने ‘डॉन 3’ विवाद को लेकर रणवीर के खिलाफ ‘असहयोग’ का निर्देश जारी किया. इस संस्था के अनुसार, रणवीर सिंह ने उनके सामने पेश होकर इस मामले पर बात करने के उनके बार-बार किए गए अनुरोधों को नजरअंदाज़ किया, जबकि उन्हें तीन बार रिमाइंडर भी भेजे गए थे.
टी.पी. अग्रवाल ने फेडरेशन के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि देश की अन्य प्रमुख फिल्म संस्थाओं, जिनमें ‘सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन’ भी शामिल है, को इस मामले से पूरी तरह से अलग रखा गया.
टी.पी. अग्रवाल ने कहा, ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज द्वारा बैन लगाए जाने के बाद मुझे पता चला कि इन लोगों ने किसी भी प्रोड्यूसर एसोसिएशन से बात नहीं की, किसी को फोन नहीं किया, यहां तक कि सिंटा से भी इस बारे में चर्चा नहीं की. रणवीर सिंह सिंटा का एक अभिन्न अंग हैं. उन्होंने न इसमें सिंटा को शामिल किया और ना ही किसी भी प्रोड्यूसर बॉडी को. डायरेक्टर्स एसोसिएशन और फेडरेशन ने मिलकर यह फैसला लिया और डायरेक्टर्स एसोसिएशन के लोग फेडरेशन के मुख्य सलाहकार भी हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘वे खुद बैठे और उन्होंने खुद ही यह फैसला ले लिया. चलो, मैं इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन में नहीं था, लेकिन IMPPA के दूसरे प्रेसिडेंट्स जैसे अभय सिन्हा तो थे. उन्हें तो भरोसे में लेना चाहिए था. वे ‘वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ और दूसरी एसोसिएशन्स को भी साथ ले सकते थे. अगर वे सब मिलकर बैठते और फिर कोई फैसला लेते, तो मुझे कोई एतराज नहीं होता. लेकिन आप इस तरह की गुंडागर्दी नहीं कर सकते कि अब से आप उन्हें बैन कर देंगे.’
टी.पी. अग्रवाल ने कहा, ‘फेडरेशन को अपना रवैया सुधारना चाहिए और तानाशाही खत्म करनी चाहिए. हम सबको साथ बैठकर, आराम से और प्यार से बात करनी चाहिए. कोई किसी से बड़ा नहीं है, कोई किसी से छोटा नहीं है. मैंने एक प्रोड्यूसर और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के तौर पर व्यक्तिगत रूप से यह केस फाइल किया है और मैं फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन दोनों का संरक्षक भी हूं. मैंने इस मामले में व्यक्तिगत रूप से केस फाइल किया है और मैंने एसोसिएशन को भी इसमें एक पक्ष बनाया है. यह पूछते हुए कि आप लोगों ने इस पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की?
उन्होंने आगे कहा, ‘यह एसोसिएशन की जिम्मेदारी थी कि उन्हें भी तुरंत उन लोगों से बात करनी चाहिए थी, और जहां तक मुझे बाद में पता चला, उन्होंने एसोसिएशन को यह भी लिखकर भेजा था कि हम उन पर बैन लगा रहे हैं. एसोसिएशन ने भी उन्हें जवाब में लिखा है कि आप उन पर बैन नहीं लगा सकते. उन्होंने उन्हें यह पत्र भी लिखा है.’


