Friday, September 18, 2026

आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नवंबर में होगी राजीव गांधी प्रतिभा परीक्षा, 20 छात्रों को मिलेगा पुरस्कार.

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रांची। झारखंड के आदिवासी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नवंबर में राजीव गांधी प्रतिभा प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में राज्य के इतिहास, भूगोल, आदिवासी समाज और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने शुक्रवार को रांची स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में परीक्षा की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ झारखंड से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।

रांची विश्वविद्यालय में होगी परीक्षा

बंधु तिर्की के अनुसार परीक्षा का मुख्य केंद्र रांची विश्वविद्यालय में बनाया जाएगा। यदि आवेदकों की संख्या अधिक रहती है तो जरूरत के मुताबिक दूसरे कॉलेजों को भी परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है।

परीक्षा में झारखंड के अलग-अलग जिलों से आने वाले आदिवासी छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे। इसमें इंटरमीडिएट स्तर से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

झारखंड से जुड़े विषयों पर आधारित होगा प्रश्नपत्र

प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न झारखंड से संबंधित विभिन्न विषयों पर आधारित होंगे। प्रश्नपत्र में 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। इसके अलावा सब्जेक्टिव और लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे।

परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थियों को निर्धारित फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोजन समिति की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।

20 विद्यार्थियों का होगा चयन

परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर कुल 20 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें 10 छात्र और 10 छात्राएं शामिल होंगी।

चयनित प्रतिभागियों को उनकी उपलब्धि के आधार पर पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार राशि अधिकतम 50 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है।

शिक्षाविदों के सहयोग से आयोजन

आयोजकों के अनुसार परीक्षा की रूपरेखा तैयार करने के लिए शिक्षाविदों के साथ चर्चा की गई है। आयोजन को संचालित करने के लिए 20 सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया है।

बंधु तिर्की ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले कई विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे विद्यार्थियों को झारखंड के इतिहास, भूगोल, आदिवासी समाज और राज्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों से परिचित कराना भी इस पहल का एक उद्देश्य है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रतियोगिता में केवल आदिवासी छात्र-छात्राएं ही भाग ले सकेंगे।

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