Tuesday, June 30, 2026

आजकल हार्ट अटैक एक आम समस्या बन गई,जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान इसके मुख्य कारण हैं,जानिए इस समस्या का समय रहते पता कैसे लगाएं…

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इन दिनों, हार्ट डिजीज की समस्या ज्यादातर लोगों को प्रभावित कर रही है. हर उम्र के लोग दिल से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं. पहले यह समस्या उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब यह समस्या हर आयु वर्ग के लोगों में देखी जा रही है. दिल की बीमारी और दिल का दौरा अब छोटे बच्चों में भी देखा जाता है. हालांकि, छोटे बच्चों में हार्ट अटैक की समस्या वयस्कों की तुलना में अलग कारणों से होता है. जैसे कि Congenital heart defect, इंफेक्शन, जेनेटिक डिसऑर्डर, आर्टरी का बंद होना शामिल है.

ऐसी स्थिति में, यदि इस समस्या के बारे में किसी भी तरह का संकेत है, तो कई लोगों को बचाया जा सकता है. आज, इस खबर के माध्यम से, ऐसे ब्लड टेस्ट (BLOOD TEST) के बारे में जानें जो आसानी से हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक के खतरे का पता लगा सकते हैं. इन रक्त परीक्षणों के माध्यम से, आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपको दिल का दौरा पड़ने का कितना रिस्क है.

इन ब्लड टेस्ट से पता करें आपको हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा है या नहीं
दिल के दौरे के खतरे का पता लगाने के लिए मुख्य रूप से ट्रोपोनिन और hs-CRP (high-sensitivity C-reactive protein) ब्लड टेस्ट किया जाता है. ट्रोपोनिन एक प्रोटीन है जो दिल की मांसपेशियों को नुकसान होने पर खून में छोड़ा जाता है, जबकि hs-CRP हार्ट डिजीज के रिस्क का एक शक्तिशाली मार्कर है. इसके साथ ही एपोलिपोप्रोटीन बी टेस्ट से भी आप पता कर सकते है कि आपको हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा है या नहीं.

ट्रोपोनिन Troponin
ट्रोपोनिन टेस्ट एक महत्वपूर्ण ब्लड टेस्ट है जिसका उपयोग दिल की क्षति का पता लगाने के लिए किया जाता है, मुख्य रूप से संदिग्ध दिल के दौरे के मामलों में. यह टेस्ट क्रोनिक कोरोनरी सिंड्रोम और अन्य हार्ट कंडिशन के निदान और मैनेजमेंट के लिए आवश्यक जानकारी देता है. इसकी हाई सेंसिटिविटी और स्पेसिफिसिटी इसे इमरजेंसी और Non-cord period में दिल के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए इसे विशेष बनाती है.

ट्रोपोनिन तीन सबयूनिट्स से बना एक प्रोटीन है, जिसमें ट्रोपोनिन I, ट्रोपोनिन T, और ट्रोपोनिन C शामिल है. बता दें ट्रोपोनिन्स T और I दिल के दौरे का Diagnosis करने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं.

एचएस-सीआरपी (high-sensitivity C-reactive protein)
NCBI की वेबसाइट के मुताबिक, हाई सेंसिटिविटी C-रिएक्टिव प्रोटीन या hs-CRP, साइलेंट हार्ट डिजीज (CVD) की समस्याओं को ट्रैक करने के लिए एक बायोकेमिकल मार्कर है. लीवर अंडरलाइंग इंफ्लेशन की प्रतिक्रिया में इन प्रोटीनों का Secretion करता है. hs-CRP की हाई कंसंट्रेशन हार्ट रिलेटेड हेल्थ में कमी की पुष्टि करती है.

एपोलिपोप्रोटीन बी टेस्ट
डॉ. रघु वामसी के मुताबिक, अगर आपको हार्ट को नुकसान पहुंचाने वाले खराब कोलेस्ट्रॉल के बारे में जानना है, तो डॉक्टर के मुताबिक आपको एपोलिपोप्रोटीन बी टेस्ट करवाना चाहिए. इस टेस्ट से पता चलेगा कि खून में कितनी खराब चर्बी जमा हो गई है. बता दें, अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो सबसे पहले दिल को खतरा होता है. हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है. इस टेस्ट से कोलेस्ट्रॉल लेवल के बारे में सही जानकारी मिलती है. साथ ही, ये भी पता चलता है कि दिल में कोई समस्या है या नहीं. इस टेस्ट को करने से हार्ट डिजीज के रिस्क को कम किया जा सकता है

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