Sunday, April 12, 2026

आजकल युवाओं में माइग्रेन की समस्या काफी देखी जा रही, आपको बता दें कि माइग्रेन का दर्द 72 घंटों तक रह सकता है…

Share

आमतौर पर हर किसी को सिरदर्द होता है. ऐसे में कोई भी सिरदर्द निवारक गोली लेने से आराम मिल जाता है. लेकिन कभी-कभी यह सिरदर्द तेज भी हो सकता है, ऐसे में आप डॉक्टर से सलाह लेकर इसे कम करने का सही इलाज करा सकते हैं. लेकिन माइग्रेन की समस्या में ऐसा नहीं होता है. इसे अनुभव करने वालों की स्थिति दूसरों से अलग होती है. जब किसी व्यक्ति को माइग्रेन का दर्द होता है तो वह अपना काम भी ठीक से नहीं कर पाता है. इस समस्या में पीड़ित व्यक्ति को बहुत तेज सिर दर्द होता है.

  • बता दें, पहले यह समस्या केवल एडल्ट्स में ही देखी जाती थी. लेकिन अब यह 20 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है. हालांकि, अब सवाल यह उठता है कि यह बीमारी युवाओं में क्यों देखी जा रही है. प्रो. रुचिका टंडन ने युवाओं में माइग्रेन की समस्या का असली कारण बताया…
  • प्रो. रुचिका टंडन कहती हैं कि माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक तरफ धड़कता हुआ दर्द होता है. यह दर्द 72 घंटों तक रह सकता है. माइग्रेन के मरीजो को मतली, उल्टी, तेज रोशनी और आवाजों से परेशानी और कुछ मामलों में मतिभ्रम का अनुभव हो सकता है. यह स्ट्रेस, नींद की कमी और कुछ खास खाद्य पदार्थों के कारण होता है.
  • ज्यादा स्ट्रेस, वर्क लोड
    प्रो. रुचिका टंडन ने कहा कि 70 फिसदी से ज्यादा युवाओं में माइग्रेन का मुख्य कारण स्ट्रेस है. ज्यादा वर्क लोड, बिना ब्रेक के काम करना, इकोनॉमिक्स इनसिक्योरिटी और बिजी लाइफस्टाइल, ये सब हमारे शरीर में कॉर्टिसोल के लेवल को बढ़ाते हैं. इससे स्ट्रेस और सिरदर्द होता है. विशेषज्ञों ने कहा कि यही सब कारण माइग्रेन में बदल सकता है.
  • डिजिटल स्क्रीन को बहुत अधिक देखना
    आजकल टेक्नोलॉजी का जमाना है और इस जमाने में सब कुछ डिजिटल हो गया है. आजकल हर कोई कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप जैसे गैजेट्स पर काम करता है. ऐसे में हर कोई दिन में कम से कम नौ घंटे स्क्रीन के सामने बिताता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह भी माइग्रेन का एक बड़ा कारण हो सकता है. क्योंकि अध्ययनों से पता चलता है कि 18 से 34 वर्ष की आयु के लोग अगर दिन में छह घंटे से ज्यादा स्क्रीन देखते हैं, तो उन्हें माइग्रेन होने की संभावना 30 प्रतिशत ज्यादा होती है.
  • उचित नींद ना लेना या देर रात तक जागना
    पर्याप्त नींद न लेने से भी माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है. रात में मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया पर ज्यादा स्क्रॉल करने से हमारी नींद की क्वालिटी खराब हो सकती है, जिससे सुबह उठने पर सिरदर्द हो सकता है. यह आदत समय के साथ आपको माइग्रेन का शिकार बना सकती है.

ठीक से खाना न खाना
बहुत अधिक कैफीन का सेवन, खाना छोड़ना और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन माइग्रेन के आम कारणों में से एक हैं. इसके अलावा, ज्यादातर आईटी प्रोफेशनल एनर्जी ड्रिंक पीते हैं. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि ये भी माइग्रेन के बढ़ने के कारणों में से एक है.

माइग्रेन की समस्या से कैसे छुटकारा पाएं?

  • 20-20-20 एक्सरसाइज रूल: हर 20 मिनट में अपनी आंखों को आराम दें. हर 20 मिनट में स्क्रीन से दूर हटें. 20 फीट दूर किसी चीज को कम से कम 20 सेकंड तक देखें. ऐसा करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा.
  • प्रतिदिन कॉफी, चाय आदि में 200 मिलीग्राम से कम कैफीन का सेवन करें.
  • स्ट्रेस हार्मोन पर काबू पाने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग करें.

Read more

Local News