मुंबई : अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ने और कृत्रिम मेधा (एआई) से व्यवधान की आशंकाओं के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में बिकवाली से बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए. दूसरी ओर खुदरा और संस्थागत निवेशकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) में सरकार की पांच प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को 1.34 गुना अधिक अभिदान मिला.
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव अरुणीश चावला ने एक्स पर कहा, ‘‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की बिक्री पेशकश (ओएफएस) का दूसरा दिन खुदरा निवेशकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया के साथ बंद हुआ. ओएफएस को 1.34 गुना अभिदान मिला.’’
बुधवार को संस्थागत निवेशकों ने 256.07 रुपये प्रति शेयर के सांकेतिक मूल्य पर 22.07 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई थी, जो कुल मिलाकर 5,650 करोड़ रुपये से अधिक थी.
सरकार दो दिन की बिक्री पेशकश के तहत 254 रुपये के न्यूनतम मूल्य पर बीएचईएल में तीन प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी बेच रही है। इसमें दो प्रतिशत अतिरिक्त का ‘ग्रीनशू’ विकल्प भी शामिल है.
संस्थागत खरीदारों की प्रतिक्रिया के बाद सरकार ने ग्रीन-शू विकल्प का प्रयोग किया. निर्गम के मूल आकार में बीएचईएल के 10.44 करोड़ से अधिक शेयर या तीन प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है जबकि ‘ग्रीनशू’ विकल्प के तहत 6.96 करोड़ से अधिक शेयर या दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जा सकती है.
बीएचईएल में सरकार की वर्तमान हिस्सेदारी 63.17 प्रतिशत है. बीएचईएल का शेयर पिछले बंद के मुकाबले बृहस्पतिवार को 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 260.40 रुपये पर बंद हुआ. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से अब तक 8,768 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
इधर मार्केट में आईटी शेयरों को लेकर मूड बिगड़ा ही रहा. बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 558.72 अंक यानी 0.66 प्रतिशत टूटकर 83,674.92 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 716.97 अंक के नुकसान के साथ 83,516.67 अंक तक आ गया था.
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 146.65 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,807.20 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा दबाव आईटी शेयरों पर रहा. टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में लगभग छह प्रतिशत की गिरावट आई.
इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक और अदाणी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे.
दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका में रोजगार के मजबूत आंकड़े आने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दर में कटौती की संभावना कम होने और एआई से सेवा क्षेत्र की आय पर दबाव की आशंका से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है.’’
नायर ने कहा कि आईटी क्षेत्र में कमजोर धारणा होने के साथ अमेरिका एवं ईरान के बीच तनाव बने रहने से भी निवेशक अल्पावधि में सतर्क रुख अपना सकते हैं.
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों के बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.48 प्रतिशत और छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप में 0.28 प्रतिशत की गिरावट रही.
क्षेत्रीय सूचकांकों में ‘फोकस्ड आईटी’ खंड में 5.40 प्रतिशत, जबकि आईटी खंड में 5.29 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा रियल्टी खंड में 1.50 प्रतिशत, तेल एवं गैस खंड में 1.18 प्रतिशत, ऊर्जा खंड में 1.18 प्रतिशत, सेवा खंड में 0.81 प्रतिशत और एफएमसीजी खंड में 0.43 प्रतिशत की गिरावट रही.
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,582 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए जबकि 1,634 शेयरों में तेजी रही और 152 अन्य अपरिवर्तित रहे. दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस के शेयर में 5.41 प्रतिशत की गिरावट आने से उसका बाजार पूंजीकरण पहली बार 10 लाख करोड़ रुपये के स्तर से नीचे आ गया. कारोबार के अंत में टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 9,95,661.50 करोड़ रुपये रहा.
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा का समय अब खत्म होने वाला है. लिहाजा बाजार में अब कंपनी-आधारित गतिविधियां ही देखने को मिलेंगी. बाजार अब वैश्विक एवं घरेलू मुद्रास्फीति, व्यापार से जुड़े घटनाक्रम और एफआईआई प्रवाह पर नजरें टिकाए रहेगा जबकि एआई से जुड़ी चिंताओं से उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.’’
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 943.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) 125.36 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे.
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ गया जबकि जापान के निक्की और चीन के शंघाई कम्पोजिट भी चढ़कर बंद हुए. हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में बंद हुआ.
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत टूटकर 69.21 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 40.28 अंक के नुकसान के साथ 84,233.64 अंक पर रहा था जबकि एनएसई निफ्टी 18.70 अंक की मामूली बढ़त के साथ 25,953.85 अंक पर बंद हुआ था.


