Thursday, February 12, 2026

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी गिरे, वैश्विक संकेतों और अमेरिकी आंकड़ों से बाजार पर दबाव रहा.

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मुंबई: गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई. वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान सतर्क नजर आया.

शुरुआती कारोबार में गिरावट
सुबह करीब 9:25 बजे तक बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 397 अंक यानी 0.47 प्रतिशत गिरकर 83,836 पर कारोबार कर रहा था. वहीं एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 111 अंक यानी 0.43 प्रतिशत टूटकर 25,842 के स्तर पर पहुंच गया. बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव बना रहा.

मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा कमजोरी
मुख्य सूचकांकों के मुकाबले व्यापक बाजार में अधिक गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.76 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.88 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इससे संकेत मिलता है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों ने ज्यादा मुनाफावसूली की.

आईटी सेक्टर सबसे बड़ा दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स में अधिकांश सेक्टर लाल निशान में रहे. निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 3.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा रियल्टी सेक्टर 1.11 प्रतिशत और मीडिया सेक्टर 1.04 प्रतिशत नीचे रहा. हालांकि एफएमसीजी, निजी बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला.

वैश्विक संकेतों का असर
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है. अमेरिका में पिछले महीने 1.3 लाख नई नौकरियां जुड़ीं और बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत पर आ गई. मजबूत श्रम बाजार के संकेतों से निकट भविष्य में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होती दिख रही है, जिसका असर आईटी शेयरों पर पड़ा.

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा. चीन का शंघाई इंडेक्स 0.12 प्रतिशत और शेनझेन 0.81 प्रतिशत बढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.97 प्रतिशत गिरा. जापान का निक्केई 0.1 प्रतिशत ऊपर रहा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.74 प्रतिशत चढ़ा. अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही, जहां नैस्डैक 0.16 प्रतिशत और डॉव जोंस 0.13 प्रतिशत नीचे बंद हुए.

11 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 944 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 125 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,800–25,850 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 26,050–26,100 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है. मध्यम अवधि में भारतीय बाजार की दिशा सकारात्मक रहने की उम्मीद जताई जा रही है.

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