Monday, March 16, 2026

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के साथ वादाखिलाफी करने के विरोध में विधानसभा में बीजेपी विधायकों ने प्नदर्शन किया.

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रांचीः आंगनबाड़ी सेविका सहायिका का मानदेय घोषणा के अनुरूप नहीं बढ़ाए जाने के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की. हाथों में तख्ती लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायकों ने इस दौरान सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा.

बड़ी-बड़ी बातों को कहकर महिलाओं से वोट लियाः नवीन जायसवाल

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने इस मौके पर सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर इन सहिया बहनों का मानदेय नहीं बढ़ाया जाता है. चुनाव के वक्त बड़ी-बड़ी बातों को कहकर महिलाओं से वोट लेने का काम किया गया और जब वक्त उन वादों को पूरा करने का आया तो सरकार इन्हें ठगने का काम कर रही है.

सरकार अपने वादे से मुकर गईः नवीन जायसवाल

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका सहायिका हों या रसोइया दीदी हों या जेएसएलपीएस के कर्मचारी पदाधिकारी हों सभी को इस सरकार ने ठगने का काम किया. 2019 और 2024 के चुनाव में बड़ी-बड़ी घोषणा की गई और मानदेय बढ़ाने की बात जब उठने लगी तो सरकार उससे मुकर गई है इसके विरोध में आज सभी सड़क पर हैं और आंदोलन कर रही हैं.

दीदियों को सम्मानजनक मानदेय दिलाने के लिए प्रदर्शनः शशिभूषण मेहता

भारतीय जनता पार्टी उनके आंदोलन का समर्थन करती है और सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज किया जायेगा. भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने कहा कि इतने कम पैसे में यह दीदियां काम करती हैं, इन्हें सम्मानजनक मानदेय दिलाने के लिए हम लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को चाहिए कि इनसे जो वादा किया गया था उसे जरूर पूरा करें.

मानदेय 2 हजार रुपए है 15 हजार हो जाता है- मंत्री

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने विपक्ष के आंदोलन पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं सबसे ज्यादा काम करता हूं उसके बाबजूद सबसे अधिक मुझे ही टारगेट किया जाता है. उन्होंने कहा कि सहिया का मानदेय भले ही 2000 रुपए है मगर स्कीम के तहत उन्हें 15 हजार रुपए मिलते हैं. हाल ही में हमलोगों ने उन्हें टैब दिया है. इस तरह से लगातार उनकी सुविधा बढ़ाई जा रही है और सरकार उनके साथ है.

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