गुवाहाटी: असम के खेल इतिहास के सबसे मशहूर नामों में से एक, नेहरू स्टेडियम, अब इतिहास बनने की कगार पर है. छह दशकों से ज़्यादा समय से, यह स्टेडियम राज्य में खेलों की जान रहा है. अब, एक बड़े रीडेवलपमेंट पहल के तहत, नेहरू स्टेडियम को पूरी तरह से गिराकर फिर से बनाया जाएगा, जिससे असम के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी.
असम कैबिनेट ने गुवाहाटी के नेहरू स्टेडियम को FIFA और ओलंपिक-स्टैंडर्ड फुटबॉल स्टेडियम में बदलने की मंजूरी दे दी है. कोई भी मौजूदा ढांचा नहीं रहेगा, स्टेडियम को पूरी तरह से गिरा दिया जाएगा ताकि एक आधुनिक, विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा सके. यह भी संभावना है कि भविष्य में स्टेडियम का नाम बदला जा सकता है.
पुनर्निर्माण के लिए 765 करोड़ रुपये आवंटन
नए स्टेडियम में एक फुटबॉल ग्राउंड, प्रैक्टिस फील्ड, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल और कई आधुनिक खेल सुविधाएं होंगी. प्रोजेक्ट का टेंडर लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को दिया गया है, जिसको असम सरकार ने 765 करोड़ रुपये का आवंटन मंजूर किया है.

नेहरू स्टेडियम की ऐतिहासिक शुरुआत
स्टेडियम की शुरुआत को याद करते हुए, खेल पत्रकार सुबोध मल्ला बरुआ ने कहा, ‘नेहरू स्टेडियम का उद्घाटन 16 जुलाई, 1962 को हुआ था, और इसका नाम भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर रखा गया था. उस समय, राधा गोविंदा बरुआ गुवाहाटी स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, और कई समर्पित लोगों के साथ मिलकर उन्होंने स्टेडियम बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.’
यह स्टेडियम लगभग 60 बीघा जमीन पर बनाया गया था, जिसका ग्राउंडवर्क 1957-58 के आसपास शुरू हुआ था, और 1962 में इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ.
इसे उस समय नॉर्थ-ईस्ट का सबसे बड़ा आउटडोर स्टेडियम बताते हुए बरुआ ने कहा, ‘यह सिर्फ असम का ही नहीं, बल्कि पूरे नॉर्थ-ईस्ट का गौरव था. उद्घाटन अपने आप में ऐतिहासिक था, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री बिमला प्रसाद चालिहा और उनके कैबिनेट सहयोगियों के बीच एक फ्रेंडली मैच हुआ था. उस समय, असम के किसी और स्टेडियम में ऐसी सुविधाएं नहीं थीं.’
एक बहुआयामी खेल परिसर
बरुआ ने बताया कि दशकों से, नेहरू स्टेडियम एक व्यापक खेल परिसर के रूप में विकसित हुआ. इनडोर स्टेडियम में बैडमिंटन और टेबल टेनिस शुरू हुए, फुटबॉल और क्रिकेट के अलावा, यहां हॉकी भी खेली जाती थी. यहां टेनिस कोर्ट, शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, तीरंदाजी, स्क्वैश कोर्ट और जिमनास्टिक, जूडो, ताइक्वांडो और बास्केटबॉल के लिए सुविधाएं थी.’
राधा गोविंदा बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तीन इनडोर स्टेडियम – कंकलता इनडोर स्टेडियम, तरुण राम फूकन इंडोर स्टेडियम और एबीटा इंडोर स्टेडियम- के साथ-साथ लगभग सभी राज्य खेल संघों के कार्यालय थे. मुख्य स्टेडियम में लगभग 25,000 दर्शक बैठ सकते थे.
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट और फुटबॉल की शान
नेहरू स्टेडियम ने 1983 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होस्ट किया. कुल मिलाकर, यहां लगभग 14 वनडे मैच खेले गए, जिसमें आखिरी मैच 2010 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ था. इस स्टेडियम ने सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, कपिल देव, विवियन रिचर्ड्स, ब्रायन लारा, क्लाइव लॉयड, कर्टनी वॉल्श, सौरव गांगुली, स्टीव वॉ, सनथ जयसूर्या और एंडी फ्लावर जैसे कई क्रिकेट दिग्गजों को देखा. बरुआ ने ये भी याद किया कि फुटबॉल का इतिहास भी उतना ही समृद्ध था. यहां बांग्लादेश, थाईलैंड, ईरान, उज्बेकिस्तान और सोवियत संघ की टीमों तक ने भी यहां मैचों में भाग लिया
नेहरू स्टेडियम असम का दिल
उन्होंने कहा, ‘नेहरू स्टेडियम निस्संदेह असम के खेल जीवन का केंद्र था. राज्य में लगभग हर बड़ा राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन यहीं होता था.’ खेलों के अलावा, स्टेडियम में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिसमें लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और सुमन कल्याणपुर जैसी हस्तियों के साथ-साथ प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों का भी स्वागत किया गया.
पुनर्निर्माण का काम
असम स्पोर्ट्स बोर्ड ने नेहरू स्टेडियम ग्राउंड में सभी खेल गतिविधियों को रोकने का आदेश दे दिया है. राधा गोविंदा बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंदर के ऑफिसों को 25 दिसंबर तक खाली करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पुनर्निर्माण का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो सके.
नए स्टेडियम की क्षमता 22,000 से 25,000 होगी, जो FIFA मानकों को पूरा करेगा. फिर से बनाए गए कॉम्प्लेक्स में चार मुख्य ब्लॉक होंगे जिनमें स्पोर्ट्स एसोसिएशन के ऑफिस, एक स्पोर्ट्स हॉस्टल, लगभग 1,500 गाड़ियों के लिए पार्किंग, ऑडिटोरियम, इंडोर ट्रेनिंग सुविधाएं, कमर्शियल जगहें, फुटबॉल प्रैक्टिस ग्राउंड और बैडमिंटन, टेबल टेनिस, मार्शल आर्ट और स्विमिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी.
एक 1,000 सीटों की क्षमता वाला इंडोर हॉल भी बनाया जाएगा. नए प्रोजेक्ट के लिए जगह बनाने के लिए पुराने इंडोर स्टेडियम, स्क्वैश कोर्ट, बिमला प्रसाद चालिहा स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट सहित कई मौजूदा सुविधाओं को गिरा दिया जाएगा
यादों में संजोई गई एक विरासत
14 इंटरनेशनल वनडे मैचों से लेकर रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी, बोरदोलोई ट्रॉफी, संतोष ट्रॉफी, फेडरेशन कप और नेशनल गेम्स की मेजबानी तक, नेहरू स्टेडियम अनगिनत ऐतिहासिक पलों का गवाह रहा है. जैसे ही असम का खेल गौरव एक नई यात्रा के लिए तैयार हो रहा है, पुराना नेहरू स्टेडियम यादों में जिंदा रहेगा, उसकी गूंज अब पुरानी यादों की बात है, उसकी विरासत हमेशा के लिए असम के खेल इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगी.


